भारत की युवा मुक्केबाजी प्रतिभाएं 7 अगस्त से ग्रेटर नोएडा में होने वाली चौथी सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी

नयी दिल्ली, 05 अगस्त (वार्ता) भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) 7 से 13 अगस्त, 2025 तक उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय में चौथी सब-जूनियर (अंडर-15) बालक एवं बालिका राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आयोजन करेगा। इस आयोजन में 700 से ज्यादा युवा मुक्केबाज भाग लेंगे, जिनमें 13 से 14 वर्ष की आयु के 400 लड़के और 300 लड़कियां शामिल हैं, जो 15 भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
बीएफआई के व्यापक दृष्टिकोण के तहत, जो ज़मीनी स्तर से लेकर उच्च स्तर तक के लिए एक मज़बूत मार्ग तैयार करना चाहता है, सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप युवा प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने हेतु एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। यह आयोजन इस वर्ष की शुरुआत में आयोजित पुरुष, महिला और जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के बाद हो रहा है, जिनसे पहले ही अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता और भविष्य के सितारे निकल चुके हैं। हरियाणा (लड़कियां) और चंडीगढ़ (लड़के) इस संस्करण में तीसरे सब-जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के गत विजेता के रूप में प्रवेश कर रहे हैं।
बीएफआई के कार्यकारी निदेशक और अंतरिम समिति के सदस्य, कर्नल अरुण मलिक (सेवानिवृत्त) ने कहा, ”सब-जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता ही वह जगह है जहां से भारत की मुक्केबाजी यात्रा वास्तव में शुरू होती है।” उन्होंने आगे कहा, ”यह मंच प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें अपने करियर की शुरुआत में ही वास्तविक प्रतिस्पर्धा का अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है। यहां विकसित कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास अंतर्राष्ट्रीय सफलता की नींव हैं। यह इन युवा मुक्केबाजों के सफर में एक महत्वपूर्ण जमीनी स्तर का कदम है, और हमें यकीन है कि हम भविष्य के कई सितारों को खेलते हुए देखेंगे।”
मुक्केबाज विश्व मुक्केबाजी तकनीकी नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा करेंगे, जिसमें 1.5 मिनट के तीन राउंड होंगे और राउंड के बीच एक मिनट का आराम होगा। 10 अंकों की अनिवार्य स्कोरिंग प्रणाली का पालन किया जाएगा। आरईसी संयुक्त प्रतिभा खोज 2024 के पदक विजेता भी पात्र हैं, जिससे प्रतियोगिता और भी प्रतिस्पर्धी हो जाएगी।
भारतीय मुक्केबाजी का युवा कार्यक्रम न केवल वरिष्ठ स्तर पर, बल्कि आयु-वर्ग प्रतियोगिताओं में भी, विश्व स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है। हाल ही में एशियाई अंडर-15 और अंडर-17 चैंपियनशिप में, भारतीय मुक्केबाज़ों ने 43 पदक जीते और कुल मिलाकर दूसरे स्थान पर रहे, जो जूनियर स्तर पर प्रतिभा और संभावनाओं की गहराई को दर्शाता है

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