
पिपलियामण्डी/मंदसौर। नाहरगढ़ थाना पुलिस ने छह माह पुराने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष श्यामलाल धाकड़ हत्याकांड का शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में गठित टीम ने मामले में मृतक के पिता सहित पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि बदनामी और संपत्ति खोने के डर से पिता दौलतराम ने ही बेटे की हत्या की साजिश रची थी। सुपारी देने में उसका साथी गोपाल भी शामिल था।
ऐसे हुई हत्या
17 जुलाई की रात दौलतराम ने रातीतलाई के रंगलाल, सुमित और अटलु बाछड़ा को पाँच लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। तीनों आरोपी सीढ़ियों से कमरे में पहुंचे और सो रहे श्यामलाल की कुल्हाड़ी व चाकू से हत्या कर फरार हो गए। 18 जुलाई को उनका रक्तरंजित शव घर की ऊपरी मंजिल पर मिला था।
गिरफ्तारी और रिमांड
पुलिस ने पिता दौलतराम, गोपाल धाकड़ सहित तीनों हत्यारों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका, हथियारों की बरामदगी तथा सुपारी लेन-देन की जानकारी जुटाई जाएगी। आरोपी संख्या बढ़ने की भी संभावना है।
तकनीकी साक्ष्यों से खुलासा
मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट, वायरल वीडियो और साइबर सेल की जांच ने पुलिस को हत्यारों तक पहुँचाया। शुरुआती दिनों में पिता ने मामले को भटकाने के लिए एक महिला पर आरोप लगाए थे, परंतु पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई उजागर की।
कई महीनों से चर्चा में था मामला
श्यामलाल सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय थे, जिसके कारण यह हत्या क्षेत्र में चर्चाओं का विषय बनी रही। पुलिस की सात टीमों ने लगातार काम करते हुए जटिल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई।
