नई दिल्ली, 12 दिसंबर, 2025: पाकिस्तान में आतंकवाद का गठजोड़ एक नए आयाम पर पहुँच गया है। हाल ही में सियालकोट के तलवाड़ा मुगलान से खबर है, जहाँ लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की महिला विंग ने इंट्रा-पार्टी चुनाव कराए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को गहरा चोट दिया था, जिसके बाद लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन फिर से मजबूत हो रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जैश और लश्कर दोनों अब महिलाओं को आतंकी के रूप में भर्ती करने पर फोकस बढ़ा रहे हैं। यह रणनीति आधी आबादी को जोड़कर समुदाय में गहरी पैठ बनाने और जमीनी स्तर पर कट्टरपंथ फैलाने की है। लश्कर सरगना हाफिज सईद ने महिलाओं के लिए ‘अल्फियातुल जिहाद फी सबीलिल्लाह’ नामक ऑनलाइन कोर्स शुरू किया है, जिसमें उसकी बहनें महिला ब्रिगेड का ब्रेनवॉश कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह महिला कैडर तैयार करने की रणनीति है। ऑपरेशन सिंदूर में मुरीदके के लश्कर हेडक्वार्टर नष्ट होने के बाद, आईएसआई और पाक आर्मी की सरपरस्ती में ये सेंटर अलग-अलग शहरों में खोले जा रहे हैं। पाकिस्तान का यह नया खतरा भारत के लिए गंभीर चुनौती है, क्योंकि पाकिस्तानी सरकार और सेना की मदद से ये संगठन फिर से अपनी ताकत बहाल करने में जुटे हैं।

