भिंड:भिंड नगर पालिका में पार्षदों का नाराज़गी खुलकर सामने आई है। बीती तीन पार्षदों के इस्तीफे की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद राजनीति गर्मा गई। पार्षदों का कहना है कि जब वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे, परिषद की बैठकें नहीं होतीं और जनता के काम अटके पड़े रहते हैं, तो पार्षद पद पर बने रहने का क्या अर्थ है?
पार्षदों और पार्षद प्रतिनिधियों का आरोप है कि नगर पालिका एक नेता के इशारे पर संचालित हो रही है, अधिकारियों की मनमानी चल रही है, टेंडर नहीं निकल रहे और लगभग दो साल से किसी भी वार्ड में कोई प्रमुख विकास कार्य या भूमि पूजन नहीं हुआ। उनका दावा है कि 20–25 पार्षदों ने अपने इस्तीफे तैयार रख लिए हैं, जिन्हें वे जल्द ही कलेक्ट्रेट में सौंपने की तैयारी में हैं।
वार्ड 39 की पार्षद केशकली के पति मनोज अर्गन ने बताया कि यह सिर्फ मेरा इस्तीफा नहीं, 25 पार्षद इस्तीफा देने वाले हैं। मैंने तो कॉपी वायरल कर दी है, बाकी के पास भी लिखी हुई रखी है। जनता हमें नकारा समझने लगी है। विपक्ष है ही नहीं, और सत्ता पक्ष की भी सुनवाई नहीं। नपा उपाध्यक्ष भानुप्रताप भदौरिया ने माना है कि परिषद की स्थिति ठीक नहीं है और शहर का विकास रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्षद नाराज हैं, इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।
