रीवा: अधिवक्ता संघ का प्रतिनिधि मण्डल प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश रीवा को मुख्य न्यायाधीश जबलपुर के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया.अपनी मांगो को लेकर अधिवक्ता आगामी 13 दिसम्बर की लोक अदालत से पृथक रहेगे. ज्ञापन में मांग की गई कि पुराने न्यायालय भवन के समीप अधिवक्ता स्वपूजी से निर्मित अधिवक्ता कक्ष को नये अधिवक्ता कक्ष में प्राथमिकता नही है जो दी जाय अन्यथा अधिवक्ता कक्ष मिलने की गारंटी न होने पर कोई भी अधिवक्ता अपने पुराने अधिवक्ता कक्ष को सरेंडर कैसे करेगा.
अत: आवंटन नीति में इस संबंध में सुधार किया जाय और पुराने अधिवक्ता कक्ष धारको को नये अधिवक्ता कक्ष में प्राथमिकता दी जाय. नई आवंटन नीति के अनुसार किसी अधिवक्ता के विरूद्ध कोई भी आपराधिक प्रकरण लंबित रहने पर अधिवक्ता कक्ष प्राप्त करने का पात्र नही माना जायेगा यह मौलिक अधिकारो के अनुच्छेद 19 का स्पष्ट उलंघन है. संसार में जब तक कोई व्यक्ति न्यायालय द्वारा अपराधी घोषित न कर दिया जाय तब तक वह अपराधी नही माना जा सकता है.
अत: नई आवंटन नीति से यह प्रावधान हटाया जाय. ज्ञापन देने में राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य शिवेन्द्र उपाध्याय, अखंड प्रताप सिंह, संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पाण्डेय, तरूणेन्द्र सिंह, संजीव पाण्डेय, दिनेश सेन, राममणि मिश्रा, अभिषेक तिवारी, सत्यप्रकाश मिश्रा, रमाशंकर तिवारी आदि मौजूद रहे.
