
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में खजुराहो में हुई राज्य कैबिनेट बैठक में आज प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय बुंदेलखंड पैकेज रहा, जिसके तहत कुल 24,240 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश को मंज़ूरी दी गई है। इस पैकेज से लगभग 29,100 व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है। कुल 608.93 हेक्टेयर भूमि पर 42 औद्योगिक यूनिटों की स्थापना की जाएगी तथा अधोसंरचना विकास पर 539.54 करोड़ रुपये पाँच वर्षों में व्यय किए जाएंगे।
इसके साथ ही कैबिनेट ने सागर से दमोह तक 76 किलोमीटर फोरलेन मार्ग के निर्माण के लिए 2,059 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेजों में 990 नियमित और 615 आउटसोर्स पदों को मंज़ूरी दी गई। इसके अलावा प्रदेश के 11 ज़िलों की 12 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन के लिए 348 नए पदों को भी स्वीकृति मिली।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व (नौरादेही) को चीतों के रहवास के रूप में विकसित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। वहीं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ रुपये से अधिक की मंज़ूरी प्रदान की गई।
प्रदेश में आपदा प्रबंधन और अग्निशमन क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने 397.54 करोड़ रुपये की राशि अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृत की। इसके साथ ही कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि पिछड़ा वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार अवसरों के लिए आने वाले दो वर्षों में जापान और जर्मनी भेजा जाएगा।
इन सभी निर्णयों के साथ राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश में उद्योग, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।
