मंगन | सिक्किम के उत्तरी जिले मंगन में मूसलाधार बारिश के कहर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी वर्षा के कारण हुए कई भूस्खलनों ने गंगटोक-लाचेन और चुंगथांग-लाचेन को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। जिला कलेक्टर अनंत जैन के अनुसार, लाचेन की ओर जा रहे लगभग 150 से 200 पर्यटक चुंगथांग में फंस गए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें तत्काल आईटीबीपी (ITBP) कैंप और स्थानीय गुरुद्वारे में ठहराया है, जहाँ उनके खाने-पीने और ठहरने की उचित व्यवस्था की गई है। सड़क मार्ग पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
राहत की बात यह है कि लाचुंग की ओर जाने वाले रास्ते को सीमा सड़क संगठन (BRO) की मदद से साफ कर दिया गया है। लाचुंग में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित रूप से गंगटोक वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि, लाचेन की स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। जिला प्रशासन स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है और मौसम विभाग के साथ समन्वय बनाया जा रहा है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही बारिश थमेगी और मार्ग सुरक्षित घोषित होंगे, तभी फंसे हुए पर्यटकों को आगे बढ़ने या वापस लौटने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अभी किसी भी जोखिम भरे रास्ते पर जाने से बचें।
इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल सड़कों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि राज्य की बिजली व्यवस्था को भी चरमरा दिया है। हाल ही में हुई ओलावृष्टि और तेज तूफान के कारण पाकयोंग और गंगटोक जिलों में कई 66 केवी ट्रांसमिशन लाइनें ट्रिप हो गई हैं। रोराथांग-रोंगली लाइन का कंडक्टर टूटने से रोंगली और रेनोक जैसे इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है। बिजली विभाग की टीमें निमतार और सिंगतम जैसे क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि रुक-रुक कर हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल सकती है, इसलिए अगले 48 घंटों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है।

