भगवान महावीर के विचार आज भी प्रासंगिकः मुख्यमंत्री


इंदौर: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर संसार को सत्य, अहिंसा, असंचय, अपरिग्रह, त्याग और तपस्या का शाश्वत संदेश देने वाले करुणा के महासागर थे. भगवान महावीर ऐसे तीर्थंकर हैं, जिनसे हम सबको प्रेरणा मिलती है. ऐसे भगवान की जयंती हमें वर्षभर मनाना चाहिए. आज से करीब ढ़ाई हजार साल पहले भगवान महावीर स्वामी ने जो कहा था, वह आज की वैश्विक परिस्थितियों में भी प्रासंगिक है.
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही. मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर की स्कीम नं.-78 स्थित श्री मदन मोहन मेहता ऑडिटोरियम में महावीर जयंती व्याख्यान एवं महावीर अलंकरण/सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन दर्शन की विशेषता है कि वह दूसरों को दबाने या डराने की बजाय, जिनेन्दि्रय़ों पर अर्थात् स्वयं पर विजय प्राप्त करता है. भगवान महावीर स्वामी ने भी स्वयं की इन्दि्रयों को जीता है, इसलिये वे जिन महावीर कहलाये।

आज पूरी दुनिया उनको पूजती है, उनके विचारों को मानती है. मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर के चरणों में वंदन कर प्रदेशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि हर काल में राष्ट्र निर्माण में जैन समाज का अप्रतिम योगदान रहा है. आज ऐसे समाजसेवियों को सम्मानित करना हम सबके लिए सौभाग्य का अवसर है, जिन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने आचरण और व्यक्तित्व में उतारा. कार्यक्रम को शिक्षाविद् स्वप्निल कोठारी एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश चेलावत ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला, मनोज पटेल, गोलू शुक्ला एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन सहित जैन समाज के संतगण, दोनों ही फेडरेशन्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे.

चार वरिष्ठ समाजसेवियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान जिन् महावीर पर दिखाए सत्यमार्ग पर चलने वाले 4 वरिष्ठ समाजसेवियों चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, हंसमुख गांधी एवं संतोष कुमार जैन को महावीर अलंकरण प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने सम्मानित समाजसेवियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबने भगवान महावीर के सिद्धांतों को सच्चे अर्थों में जीवन में आत्मसात किया है. आपका आचरण और यह उपलब्धि दूसरों को भी ऐसा करने की प्रेरणा देगी.

जैन धर्म में बहुत कुछ लिखा गया है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीब 100 साल पहले विदेशियों को संबोधित करते हुए महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चन्द्र बसु ने विदेशियों को बताया था कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है और वे इसका अनुभव करते हैं. हमारे यहां गांव-देहात में रहने वाला सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि संध्या के समय पेड़-पौधों को स्पर्श नहीं करना चाहिए अथवा पत्तियों और पुष्पों को नहीं तोड़ना चाहिए. हमारे देश में चर-अचर जगत में सभी को सम्मान दिया जाता है. पृथ्वी को माता मानकर उसकी पूजा की जाती है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है और जैन दर्शन में पांच ज्ञानेन्दि्रयां, पांच क्रमेन्दि्रयां और मनुष्य के मन-मानस को विस्तार से परिभाषित किया गया है. जैन दर्शन में एकात्मवाद सहित उपवास, आत्मा, संस्कार आदि पर भी बहुत कुछ लिखा-कहा गया है।.

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