नई दिल्ली, 06 दिसंबर, 2025: आर्थिक अनिश्चितता के दौर में पर्सनल लोन लोगों के लिए सहारा बनकर उभरे हैं। मेडिकल इमरजेंसी, आय में कमी या बिजनेस नुकसान जैसी परिस्थितियों में ये तेजी से समाधान देते हैं। पर्सनल लोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें लेने के लिए किसी सिक्योरिटी या गारंटी की जरूरत नहीं होती और ये बेहद कम समय में अप्रूव होकर सीधे अकाउंट में ट्रांसफर हो जाते हैं।
भारत में पर्सनल लोन की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि ये अचानक आए खर्चों के लिए भरोसेमंद विकल्प हैं। 2025 तक कई बैंक और एनबीएफसी मजबूत क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को 9.99% से 10.80% तक की ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं। क्रेडजेनिक्स के सीईओ ऋषभ गोयल के मुताबिक, अनुशासित ईएमआई भुगतान वित्तीय स्थिरता मजबूत करता है और दोबारा खड़े होने का मौका देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लोन लेने का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए और ब्याज दर, प्रोसेसिंग शुल्क की तुलना करके ही निर्णय लेना चाहिए। हालांकि, उच्च ब्याज दर और ईएमआई चूकने पर क्रेडिट स्कोर खराब होने जैसे जोखिम भी जुड़े हैं। बिना योजना लोन लेना वित्तीय बोझ बढ़ा सकता है, इसलिए जरूरत और क्षमता के अनुसार ही लोन लेना समझदारी है।

