सतना : पिछले 5 दिनों से रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही थी. लेकिन गुरुवार को शुरु हुई सर्द हवाओं ने कुछ ऐसा असर दिखाया कि रात होते-होते पारे ने गोता लगाना शुरु कर दिया. आलम यह रहा कि एक रात में ही न्यूनतम तापमान में 4.2 डिग्री की अप्रत्याशित कमी ने लोगों को कांपने के लिए मजबूर कर दिया.
मौसम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को शहर में अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
हलांकि दिन के तापमान में पिछले 24 घंटे में 0.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी देखने को मिली. लेकिन इसके बावजूद भी यह सामान्य तापमान की तुलना में 1.8 डिग्री सेल्सियस कम आंका गया. लेकिन वहीं दूसरी ओर रात के न्यूनतम तापमान में एकाएक अप्रत्याशित कमी देखने को मिली. गुरुवार को जहां शहर में न्यूनतम तपमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. वहीं अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट देखने को मिली और शुक्रवार को यह 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
पिछले 24 घंटे में 4.2 डिग्री की गिरावट के साथ ही शुक्रवार को न्यूनतम तापमान सामान्य की तुलना में 2 डिग्री कम आंका गया. जिसका नतीजा यह हुआ कि हाड़ कंपाऊ जाड़े के आगाज के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता नजर आने लगा. मौसम की प्रतिकूलता के चलते शहर में हीटर, गीजर सहित सिगड़ी, कोयला, गर्म कपड़े और रजाई-गद्दे की बिक्री में तेजी नजर आने लगी.
वहीं कड़ाके की ठंड की वजह से सुबह 9 बजे की स्कूल की टाइमिंग भी छोटे बच्चों के लिए मुसीबत बनती नजर आने लगी है. लेकिन मौसम की मार का सबसे अधिक असर उन साधन विहीन लोगों पर सबसे अधिक पड़ता दिखाई देता है जिनकी सर पर न तो छत है और न ही पर्याप्त गर्म कपड़े. मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर के पहले सप्ताह तक किसी तरह के सिस्टम का असर विंध्य पर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है. लिहाजा सर्द उत्तरी हवाओं की सक्रियता के चलते कड़ाके की ठंड का असर जारी रहेगा
