देवानंद का भांजा होकर भी नहीं मिला कोई फायदा, लंदन की नौकरी छोड़ बने डायरेक्टर

देवानंद के भांजे होने के बावजूद शेखर कपूर ने बिना किसी सिफारिश के संघर्ष करते हुए अपनी पहचान बनाई। लंदन में AC की नौकरी छोड़कर वे भारत लौटे और निर्देशन में करियर शुरू किया।

भारतीय सिनेमा के जाने-माने निर्देशक शेखर कपूर आज अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। हिंदी, अंतरराष्ट्रीय और हॉलीवुड फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले शेखर कपूर ने इंडस्ट्री को कई ऐसी फिल्में दी हैं जो आज भी इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हैं। लेकिन उनकी सफलता का रास्ता उतना आसान नहीं था जितना लोग मानते हैं। सुपरस्टार देवानंद के भांजे होने के बावजूद शेखर कपूर ने इंडस्ट्री में कदम जमाने के लिए संघर्ष किया।

शेखर कपूर का जन्म 1975 में लाहौर में हुआ। वह पहले लंदन में चार्टर्ड अकाउंटेंट की नौकरी करते थे। लेकिन सिनेमा के प्रति जुनून ने उन्हें अपनी नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिया। भारत लौटकर उन्होंने निर्देशन और अभिनय में हाथ आजमाना शुरू किया। शुरुआत उन्होंने 1975 की फिल्म ‘जान हाजिर हो’ से की, लेकिन असली पहचान उन्हें निर्देशन के जरिए मिली।

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