सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र: रेडियोलाजिस्ट, स्टॉफ की कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य केन्द्र

(एसके चौहान) रेहटी। तेज भीषण गर्मी पडऩे के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. सरकारी अस्पताल की ओपीडी 250 से लेकर 300 मरीजों तक पहुंच रही है. ऐसे में दवाईयों का टोटा होना लाजमी है.

सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार देखी जा सकती है. वहीं कुछ ही दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हो पाती है. टेटनेस इंजेक्शन एवं घाव पर बांधने वाली पट्टी भी मरीजों को बाजार की मेडिकल से लाना पड़ रहा है. जिम्मेदारों की मानें तो अस्पताल में अभी 372 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं. उनमें से 92 प्रतिशत दवाइयां एंटीबायोटिक सहित मरीजों को उपलब्ध की जा रही है. लेकिन धरातल पर मरीज टिटनेस और पट्टी जैसी वस्तुएं भी बाजार से खरीदना पड़ रहा है.

25 मई से नौतपा के चलते भीषण गर्मी में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन अस्पताल में सुविधा की कमी के चलते मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा हैं.रेहटी तहसील का एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो 38 गांव के मरीजों को सुविधा देने के उद्देश्य से बनाया गया है परंतु दवाएं न मिलने पर मरीजों को 50 किमी होशंगाबाद या 75 किमी भोपाल जाना पड़ता है. ग्राम वासनिया के प्रेम मीणा ने बताया कि पट्टी कराने अस्पताल आए थे. परंतु ड्रेसिंग रूम में पट्टी उपलब्ध नहीं होने के कारण बाजार से पट्टी लाना पड़ा. वहीं नया गांव के एक मरीज अशोक लोबंसी ने बताया कि टिटनेस का इंजेक्शन बाहर की मेडिकल से खरीद कर लाना पड़ा. इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से स्टाफ की कमी देखी जा रही है. अस्पताल में मात्र एक मेडिकल ऑफिसर हैं वही तीन डेंटिस्ट एक आयुष डॉक्टर है तो वही नर्सिंग स्टाफ की भी कमी देखी जा रही है जिसे लेकर पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों द्वारा स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए लगातार मांग की गई है स्टाफ की कमी अभी तक पूरी नहीं हो सकी. इस मामले में स्वास्थ्य केन्द्र के डॉ. अश्विनी दायमा का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट का रिक्त होने की वजह से एक्स-रे मशीन बंद है. जिसकी मांग की जा चुकी है. सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 372 दवाईयों में से 92 प्रतिशत दवाइयां उपलब्ध हैं.

रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में नहीं हो रहे एक्स- रे

तहसील अंतर्गत लगभग 102 गांव आते हैं जिस पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है आसपास के गांव के मरीज सरकारी अस्पताल में इसलिए जाता है कि 10 रुपए की पर्ची कटवा कर इलाज मु त मिल सके परंतु नगर की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यूं तो सारी सुविधाओं से परिपूर्ण है लेकिन यहां उपलब्ध एक्स-रे मशीन में लंबे समय से ताला पड़ा हुआ है क्योंकि एक्सरे लेने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की आवश्यकता पड़ती है. यह पद लंबे समय से खाली होने के कारण मरीज को 50 किलोमीटर होशंगाबाद या 70 किलोमीटर भोपाल की दूरी तय कर आना जाना पड़ता है.

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