इंदौर: शहर में हरियाली और पर्यावरण को लेकर आयुक्त ने निगम उद्यान विभाग को सरकारी जमीन चिन्हित कर उस पर नर्सरी और उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए. साथ आयुक्त ने सभी अधिकारियों को काम में लापरवाही बरतने पर सफाई विभाग में भेजने की हिदायत भी दी. बैठक में सुपरवाइजर के अनुपस्थित रहने पर वेतन कटने के निर्देश भी जारी किए.
निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने आज सिटी बस ऑफिस में उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक ली. बैठक के दौरान आयुक्त ने कहा कि शहर की सुंदरता में उद्यान विभाग की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. आयुक्त द्वारा समस्त उद्यान सुपरवाईजर और दरोगा से शहर के डिवाइडर, ग्रीन बेल्ट, रोटरी, चौराहे के साथ ही उद्यान विकास में लगन से काम करने कहा है. उन्होंने कहा कि झोन/वार्ड में उद्यान में किया गया काम दिखना चाहिए.
अगर उद्यान काम में रूचि नहीं है तो सफाई कार्य में स्थानांतरण किया जाएगा. समीक्षा के दौरान उद्यान सुपरवाईजर पवन राठौर के अनुपस्थित रहने पर 7 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए. आयुक्त यादव ने अधिकारियों को बताया कि हर सप्ताह उद्यान विभाग की रिव्यू बैठक होगी. आप सभी क्षेत्रीय झोनल अधिकारी के साथ समन्वय से काम करें. सभी झोन सुपरवाईजर व उद्यान दरोगा अपने झोन/वार्ड में स्थित डिवाइडर, ग्रीन बेल्ट, रोटरी, उद्यान के फोटो की पीपीटी तैयार करें.
आयुक्त ने सभी उद्यान अधिकारियों को निर्देश दिए है कि किसी भी झोन-वार्ड में ग्रीन बेलट, डिवाईडर व उद्यान में अवैध निर्माण करता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करें. कार्रवाई नहीं करने पर आप इसके जिम्मेदार होंगे. बैठक में अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, मनोज पाठक, उद्यान अधिकारी शांतिलाल यादव, समस्त उद्यान सुपरवाईजर, उद्यान दरोगा उपस्थित थे.
शासकीय भूमि पर पौधारोपण को दें प्राथमिकता
आयुक्त यादव ने यह भी निर्देश दिए कि झोन क्षेत्र में शासकीय खुली भूमि चिन्हित करें. उक्त भूमि पर पौधारोपण करने को प्राथमिकता दें. साथ ही ऐसी रिक्त भूमि की फेंसिंग कर उस पर नर्सरी विकसित करें. उन्होंने कहा कि निगम की नर्सरियों में मौसम परिवर्तन के अनुकूल पौधे तैयार करें. आयुक्त ने हिदायत दी कि डिवाइडर में अनावश्यक ज्यादा मिटटी ना डालें, ताकि डिवाइडर से मिट्टी बाहर नहीं आए. मिट्टी बाहर आने से धूल की समस्या बनती है. निगम की नर्सरियों में पेंटास, चम्पा और हाइब्रीड एवं कम पानी में विकसित होने वाले पौधों को तैयार करें. वर्तमान में शहर में डिवाईडर व मिडियन में घास के स्थान पर अन्य कोई विकल्प पर भी उद्यान विभाग को कार्य करने के निर्देश दिए गए
