छतरपुर:विशेष न्यायालय ने सात माह की गर्भवती महिला से दुष्कर्म के मामले में आरोपी रामसेवक यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश उपेंद्र प्रताप सिंह ने सुनाया। अदालत ने प्रकरण को अत्यंत गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी को कठोर दंड से दंडित किया है।मामला 9 जून 2018 का है, जब दोपहर लगभग 1 बजे पीड़िता अपने घर के पास स्थित कुएं से पानी भर रही थी।
इसी दौरान गांव के आरोपी रामसेवक यादव ने उसे पीछे से दबोचकर जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने महिला को जान से मारने की धमकी दी और घटना के बाद वहां से फरार हो गया। पीड़िता ने पति और सास के घर लौटने पर पूरी बात बताई, जिसके बाद थाना मातगुवां में मामला दर्ज हुआ। प्रकरण की जांच एसडीओपी राकेश कुमार पेंड्रो द्वारा की गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन और विशेष लोक अभियोजक प्रवेश कुमार अहिरवार ने मामले में प्रभावी पैरवी प्रस्तुत की। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) के तहत आजीवन कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(J) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
फैसले को महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों पर सख्त न्यायिक रुख का उदाहरण माना जा रहा है।
