यरुशलम, 08 सितंबर 2025: इजराइल के सुप्रीम कोर्ट ने देश की जेलों में व्याप्त अमानवीय स्थितियों पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि जेलों की हालत ‘यातना शिविरों’ जैसी है, जो कि मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है। यह फटकार उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आई, जिनमें जेलों में अत्यधिक भीड़ और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का जिक्र था।
मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंता
कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थितियां किसी भी सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य हैं और यह कानूनी प्रणाली के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। अदालत ने विशेष रूप से कैदियों के साथ होने वाले खराब व्यवहार और उनके लिए पर्याप्त चिकित्सा देखभाल की कमी पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।
सरकार को तत्काल सुधार के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इन स्थितियों में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार से एक निश्चित समय सीमा के भीतर एक विस्तृत कार्ययोजना (एक्शन प्लान) प्रस्तुत करने को कहा है, जिसमें यह बताया जाए कि वह जेलों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाएगी।

