इंदौर: शहर में रात के अंधेरे का सहारा लेकर सक्रिय रहने वाले गुंडे-बदमाश और नशे का कारोबार करने वालों पर अब पुलिस की पैनी नजर रहेगी. पुलिस आयुक्त की पहल पर इंदौर पुलिस ने हाई-टेक निगरानी व्यवस्था का नया प्रयोग शुरू किया है. इसके तहत पुलिस मुख्यालय भोपाल से मिला उन्नत श्रेणी का इंफ्रारेड ड्रोन शहर के शेडो एरिया पर मंडराएगा और संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पकड़ लेगा.
ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह घुप्प अंधेरे में भी स्पष्ट विज़ुअल कैप्चर कर सकता है. पांच किलोमीटर के रेडियल दायरे तक इसकी सर्चिंग क्षमता है और यह एक बार में लगभग आधे घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है. ड्रोन की तैनाती का जिम्मा थाना एमआईजी से शुरू किया. मंगलवार रात एनसीसी ग्राउंड एमआईजी से ड्रोन ने पहली औपचारिक उड़ान भरी. इस दौरान विजयनगर, खजराना, तुकोगंज, परदेशीपुरा और एमआईजी क्षेत्र के कई संवेदनशील हिस्सों को स्कैन किया.
जैसे ही किसी स्थान पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी, वहां तैनात बीट पुलिस को तुरंत भेजा और मौके पर तस्दीक कराई गई. ड्रोन ने विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्हें पहले से शेडो या संवेदनशील ज़ोन माना जाता है, रुस्तम का बगीचा, पंचम की फेल, देवनगर, नन्दानगर, छोटी खजरानी, स्वर्णबाग, सेठी नगर, भूसामंडी और खजराना क्षेत्र. पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (जोन-02) कुमार प्रतीक के निर्देशन में की गई.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेंद्र सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त परदेशीपुरा हिमानी मिश्रा भी मौजूद थीं. थाना प्रभारी एमआईजी सी.बी. सिंह अपने स्टाफ के साथ सर्चिंग ऑपरेशन में सक्रिय रहे. पुलिस का कहना है कि ड्रोन निगरानी से रात में सक्रिय असामाजिक तत्वों की पहचान और उन पर कार्रवाई की प्रक्रिया और अधिक तेज तथा प्रभावी बनेगी. शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में यह तकनीक नियमित रूप से उपयोग में लाई जाएगी.
