आष्टा। नगर में बढ़ते अतिक्रमण की समस्या से निजात दिलाने अब नगर पालिका सख्त हुई है. मंगलवार को एसडीएम नितिन टाले के निर्देश पर तहसीलदार राम पगारे, नपा सीएमओ विनोद कुमार प्रजापति ने टीम के साथ छात्रावास के पीछे नाले पर हुए अतिक्रमण को सख्ती से हटाया. कार्रवाई की भनक लगते ही कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया था.
गौरतलब है कि आष्टा में छात्रावास कॉलोनी के पीछे बड़ा नाला है. इसी नाले से इलाके का पूरा बारिश का पानी बरसात में जमा होने से शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल से पूरे सिविल लाइन के घर व रोड पर भर जाता है. इससे छात्राओं, अधिकारियों के साथ ही आमजन को परेशानी होती है. यह समस्या स्थाई बन चुकी थी. छात्रावास के पीछे लोगों को शासन की योजना में जमीन का पट्टा दिया गया, लेकिन कई लोगों ने अपनी सीमा से ज्यादा शासकीय नाले के समीप खाली जगह देख कब्जा कर लिया. इससे नाले की सफाई नहीं होने से पानी निकासी ठप हो जाती थी. नपा पिछले पांच साल से इस समस्या का निराकरण में जुटी थी, लेकिन रूकावटों की वजह से दूर नहीं हो पाई।
नगर पालिका की तरफ से पूर्व में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर कब्जा हटाने की चेतावनी दी, लेकिन इस नोटिस पर अमल करना उचित नहीं समझा. एसडीएम ने अब इसे गंभीरता से लेकर कब्जा हटाने तहसीलदार, नपा सीएमओ निर्देशित किया. मंगलवार को अमला दल-बल, जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचा. इस दौरान नाले पर हुए पक्के अवैध निर्माण को सख्ती से तोड़कर जगह को मुक्त कराया गया।
उल्लेखनीय है कि नगर में लोगों द्वारा धड़ल्ले से अतिक्रमण किया जा रहा है.इसके अलावा सड़क तक सामान रखा होने से पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है. नगर के कन्नौद रोड, बड़ा बाजार, पुराना भोपाल-इंदौर हाईवे, सिकंदर बाजार के अलावा अन्य जगह अतिक्रमण का बोलबाला देखा जा सकता है. नतीजतन इसका खामियाजा आमजन को परेशानी उठाकर भुगतना पड़ता है. प्रशासन, नपा अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाती है, लेकिन यह थोड़ा बहुत कब्जा हटाने तक सीमित रह जाती है. इससे सुधार नहीं हो रहा है. नागरिकों का कहना है जब तक निरंतर सख्ती से मुहिम नहीं चलेगी तब तक कोई ज्यादा सुधार संभव नहीं है. फिर भी प्रशासन की इस मुहिम से हड़कंप का माहौल बन गया है.
