विदिशा: सांची रोड स्थित वर्मा नर्सिंग होम में इलाज के दौरान हुयी महिला की मौत पर अब करीब एक साल बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की. इस मामले में पुलिस ने तीन डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया. एक साल से ज्यादा लम्बा समय सिर्फ जांच करने में ही निकाल दिया गया. इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप में तीन डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. थाना कोतवाली विदिशा में दर्ज एफआईआर के अनुसार मुड़रा पीताम्बर निवासी राकेश रघुवंशी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पत्नी ज्योति रघुवंशी (26) का इलाज के दौरान निधन हो गया.
शिकायत में बताया गया है कि ज्योति रघुवंशी का बच्चेदानी से संबंधित बीमारी का इलाज करीब आठ महीने से डॉक्टर शरद कुशवाह के क्लीनिक पर चल रहा था. 14 फरवरी 2025 की सुबह डॉक्टर शरद कुशवाह ने जांच के लिए उन्हें वर्मा अस्पताल, शास्त्री नगर में भर्ती कराया. सुबह करीब 10 बजे जांच के लिए डॉक्टर शरद कुशवाह, डॉक्टर निधि वर्मा और डॉक्टर अंकित श्रीवास्तव ने मरीज को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया. परिजनों का आरोप है कि दोपहर करीब 2 बजे बिना उचित जानकारी दिए एंबुलेंस से ज्योति रघुवंशी को जिला अस्पताल विदिशा भेज दिया गया.
वहां पहुंचने पर उन्हें आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ज्योति को मृत घोषित कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल ने पूरे प्रकरण की जांच की.जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल तथा हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर पाया गया कि उपचार के दौरान लापरवाही बरती गई. पुलिस ने डॉक्टर शरद कुशवाह, डॉक्टर अंकित श्रीवास्तव और वर्मा अस्पताल के संचालक डॉक्टर निधि वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है. मामले की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक मुकेश ठाकुर को सौंपी गई है. पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
