सतना : शहर के हनुमान चौक क्षेत्र में स्थित सराफा बाजार में जीएएसटी-एंटी इवेजन ब्यूरो की टीम द्वारा शुक्रवार को शुरु की गई कार्रवाई सोमवार को पूरी हो गई. इस दौरान 3 ज्वेलर्स फर्मों द्वारा कुल 91 लाख रु सरेंडर कर दिए गए. स्टॉक मिलान में लाखों का अंतर सामने आने के कारण यह रिकवरी वसूल की गई.शहर के हनुमान चौक क्षेत्र में स्थित सराफा कारोबारी प्रतिष्ठान कान्हा ज्वेलर्स, न्यू कान्हा ज्वेलर्स और आदित्य आनंद ज्वेलर्स में जीएसटी एंटी इवेजन ब्यूरों की 25 सदस्यीय टीम द्वारा शुक्रवार को एक साथ छापेमारी शुरु की गई थी.
इस कार्रवाई की जानकारी सामने आते ही शहर के सराफा कारोबारियों के बीच हडक़ंच की स्थिति बनती नजर आने लगी. टीम द्वारा तीनों फर्मों के शो रुम के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री बिल बुक , ई-वे बिल, जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-3बी, रिर्टन, खरीद बिक्री के इलेक्ट्रानिक डेटा और बैंक ट्रांजैक्शंस की बारीकी से जांच शुरु की. इस दौरान न सिर्फ कई तरह की वित्तीय अनयिमितताएं सामने आईं बल्कि संदिग्ध दस्तावेज भी पाए गए.
लगातार 3 दिन तक चली जांच में टीम द्वारा सभी आभूषण, बिस्किट और ईंट की वजन कर भौतिक स्टॉक की पड़ताल की गई. लेकिन जब भौतिक स्टॉक का रजिस्टर में दर्ज स्टॉक से मिलान किया गया तोक लाखों रुपए का अंतर सामने आया. कई मामलों में पुराने स्टॉक को नया दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग होता भी पाया गया. इसी कड़ी में बिना बिल के ब्रिकी के तथ्य भी सामने आए. सोमवार को जब दस्तावेजों की अंतिम स्कू्रटनी और स्टॉक मिलान पूरा किया गया तो फिर उसके बाद तीनो फर्मों से अतिरिक्त कर, ब्याज और जुर्माने की राशि का ब्योरा प्रस्तुत कर दिया गया.
किससे कितनी हुई वसूली
जांच-कार्रवाई के दौरान आनंद आदित्य ज्वेलर्स के संचालक आनंद सोनी ने शनिवार को ही 40 लाख रु जमा करा दिए थे. जबकि सोमवार को कान्हा ज्वेलर्स के संचालक अनुराग सोनी ने 18 लाख और न्यू कान्हा ज्वेलर्स की संचालिका स्वाति सोनी ने 33 लाख रु जमा कराए. इस लिहाज से तीनों फर्मों द्वारा कुल 93 लाख रु का राशि सरेंडर कर दी गई. कार्रवाई संयुक्त आयुक्त उमेश त्रिपाठी के मागदर्शन में सहायक संचालक विवेक दुबे के नेतृत्व में अभिनव त्रिपाठी, राजीव गोपाल, दिलीप सिंह, समीर सिंह सहित टीम के अन्य सदस्यों द्वारा की गई. संयुक्त आयुक्त के अनुसार फर्जी इनवॉइस और कर चोरी के खिलाफ ऐसी सघन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
