उज्जैन: एसआईआर को लेकर अफवाहों पर ध्यान न दें, स्वास्थ्यगत आर्थिक, मानसिक, शारीरिक, परेशानी हो तो तत्काल निर्वाचन कार्यालय को सूचना करें और किसी भी प्रकार का तनाव न ले, खुशनुमा वातावरण में कार्य करें. 11 दिसंबर तक तिथि भी बढ़ चुकी है.यह बात जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने एसआईआर प्रक्रिया में जुटे अधिकारी कर्मचारियों से कही है.
इसके बाद दिल की धड़कन तो कम हो गई है और एसआईआर की रफ्तार तेज हो गई है. जिसका परिणाम है कि उज्जैन अव्वल नंबर पर है. जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में चल रही मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेज़ गति से आगे बढ़ रही है. पूरे उज्जैन जिले में कुल 18,071 मतदान केंद्र हैं.
जिले में 15,09,103 मतदाता दर्ज
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले भर में मतदाता फॉर्म का वितरण किया गया था. जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 14,90,000 फॉर्म भरकर जमा हो चुके हैं, जो कुल कार्य का लगभग 90 प्रतिशत हैं. पूरे उज्जैन जिले में 15,09,103 मतदाता दर्ज है.
नाम पता नहीं तो जारी होंगे नोटिस
जिले में ऐसे भी मतदाता भी चिन्हित हुए हैं जिनका न तो मौजूदा जानकारी में पता मिल रहा है और न ही 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम मौजूद है. ऐसे मामलों में निर्वाचन विभाग की ओर से संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके.
प्रक्रिया अब 11 दिसंबर तक बढ़ाई
पहले यह एसआईआर प्रक्रिया 4 दिसंबर तक निर्धारित थी, मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए इसे 11 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं को सुधार और अपडेट कराने के पर्याप्त मौके दिए जाएंगे.
दावे-आपत्तियों का चरण जल्द
फॉर्म जमा होने के बाद 11 दिसम्बर पश्चात जल्द ही दावे एवं आपत्तियों का दौर शुरू होगा. इस चरण में नाम में टंकण त्रुटियां, प्रिंट मिस्टेक, जन्म तिथि सुधार, पते की गड़बड़ियां, बूथ कोड की गलत जानकारी, नाम पता न मिलना जैसे मामलों का निराकरण किया जाएगा. मतदाता अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे, जिनका समाधान जिला निर्वाचन कार्यालय की निगरानी में होगा.
दूसरी जगह शिफ्ट होने से दिक्कतें
निर्वाचन विभाग के अनुसार कई मतदाता घर बेचकर या बदलकर दूसरे शहर या जिले में चले गए हैं, जिससे सत्यापन में दिक्कतें आ रही हैं. ऐसे सभी मामलों की अलग से जांच की जा रही है. 2003 के वर्ष में जिन्होंने जहां वोट डाला था या उनके माता-पिता ने जहां वोट डाला था, उसकी जानकारी भी मिल जाएगी तो मतदाता को भटकना नहीं पड़ेगा और उनका नाम अपडेट हो जाएगा.
बीएलओ को भी राहत, स्वास्थ्य समस्या हो तो बताओ
निर्वाचन आयोग ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी बीएलओ को स्वास्थ्यगत परेशानी या व्यावहारिक समस्या आ रही है तो वह इसकी जानकारी, सुपरवाइजर, तहसीलदार से लेकर एसडीएम या जिला निर्वाचन अधिकार को दे सकते हैं. इसके अलावा निर्देश जारी हुआ है कि एसआईआर ड्यूटी के दौरान यदि किसी कर्मचारी की तबीयत खराब हुई हो या किसी का निधन हुआ हो तो उसकी जानकारी भी संकलित की जाए.
उज्जैन जिले में युद्ध स्तर पर कार्य
जिले में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी गंभीरता से जुटी हुई है. जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के नेतृत्व में जो प्रक्रिया चल रही है उसमें जो आंकड़े सामने आए हैं वह संतोषप्रद है. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रोशन कुमार सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप सिंह एवं एसडीएम एल एन गर्ग, एसडीएम श्रीमती कृतिका भीमावत सहित सभी तहसीलों के एसडीएम शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से लेकर और जिले भर के बीएलए और बीएलओ ने युद्ध स्तर पर कार्य किया है.
राजनीतिक दल भी मैदान में सक्रिय
कांग्रेस और भाजपा के स्थानीय नेता भी वॉर्ड स्तर पर सक्रिय हो गए हैं. वे मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से 2003 की मतदाता सूची डाउनलोड कर अपने-अपने क्षेत्र के नागरिकों को नाम जांचने और अपडेट कराने में मदद कर रहे हैं.
निर्वाचन कार्य डिजिटल
एसआईआर प्रक्रिया में प्राप्त सभी दस्तावेजों को पूरी तरह डिजिटलाइज़ किया जा रहा है. इससे भविष्य में संशोधन और सत्यापन दोनों प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी होंगी
