हण्डिया:नर्मदा के दक्षिण तट पर स्थित पावन नगरी हंडिया को भी पर्यटन नगरी एवं नगर परिषद का दर्जा दिए जाने की बरसों से नागरिक मांग कर रहे हैं। हण्डिया एक आस्था नगरी, होने के साथ साथ ऐतिहासिक नगरी भी है यहां आस-पास अनेक ऐतिहासिक धरोहर हंडिया की पहचान है, पूर्णिमा, अमावस्या, जैसे पर्वो पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रति दिन आते है. लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते उन्हें परेशानी उठाती पडती है.
ग्राम पंचायत के पास पर्याप्त बजट नहीं है. हंडिया ग्राम पंचायत की बात की जाए तो यहां पर 12 महीने ही तीज त्योहारों पर मेला व्यवस्था पर खर्च होने वाली राशि इतनी नहीं होती कि उन्हें व्यवस्थाओं पर खर्च किया जा सके. यहाँ विकास कार्यों कि यदि हम बात करे तो जहां हण्डिया के वार्ड में कचरा गन्दगी, नालियों से बहने वाला गन्दा पानी संक्रमण फैलाने में ऐहम भूमिका निभा रहे हैं।
तहसील मुख्यालय सेकुछ कदम की दूरी पर आसपास के रहवासियों द्वारा, लगाये गए कचरा गन्दगी के ढेर सहज ही दिख जायेगें। क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए यदि प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव हंडिया को भी नगर परिषद का दर्जा प्रदान करते हैं तो निश्चित ही धार्मिक नगरी हंडिया में विकास की गंगा बहने लगेगी.
