
छतरपुर। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी भोपाल–लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर के सागर–कानपुर फोरलेन हिस्से में तेजी से कार्य शुरू हो गया है। छतरपुर जिले में तीसरे और चौथे चरण का निर्माण शुरू होने के साथ ही यह परियोजना अब गति पकड़ चुकी है। यह हाई-स्पीड फोरलेन एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर बनाया जा रहा है, जो दोनों राज्यों की दूरी को काफी कम करेगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा।
इस परियोजना के तहत जिले के महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर और बड़ामलहरा क्षेत्र के 57 गांवों से भूमि अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। अधिकांश स्थानों पर मुआवजा वितरण भी संपन्न हो चुका है, जिससे चौड़ीकरण और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आ रही है।
फोरलेन रोड के बन जाने से न केवल यात्रा समय मिनटों में सिमट जाएगा, बल्कि बुंदेलखंड में औद्योगिक विकास, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के नए रास्ते खुलेंगे। सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे रोजगार और परिवहन के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि यह फोरलेन भविष्य में लखनऊ से सीधे जुड़कर एक बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर का रूप लेगा। इससे माल परिवहन में तेजी आएगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
बुंदेलखंड के विकास में यह सड़क परियोजना एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है, क्योंकि यह न केवल यातायात भार कम करेगी बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र की सामाजिक–आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
