ब्यावरा। नगर के शहीद कॉलोनी स्थित सार्वजनिक खेल मैदान पर खिलाडिय़ों को खेल गतिविधियों के बीच मैदान पर हो रहे गड्ढे और मवेशियों का सामना करना पड़ता है. मैदान पर इन हालातों से हर समय जोखिम बना रहता है. कुछ इस तरह के हालात स्थानीय रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड एवं कृषि मंडी सहित अन्य सार्वजनिक जगहों पर देखे जा सकते है. भागते-दौड़ते मवेशियों के कारण हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है.
विदित है कि नगर में एकमात्र सार्वजनिक खेल मैदान शहीद कॉलोनी स्थित क्लब ग्राउण्ड है, जहां बड़ी संख्या में खिलाड़ी, बच्चे, युवा हर दिन खेल गतिविधियों के लिए आते है, लेकिन ग्राउण्ड के हालात खिलाडिय़ों के लिए किसी जोखिम से कम नहीं है.
मैदान पर विचरण करते मवेशी
खेल मैदान पर मवेशियों के झुंड विचरण करते हुए देखे जा सकते है. खिलाडिय़ों को इन मवेशी से भी बचते हुए खेलना पड़ता हैै. मैदान पर हो रहे गड्ढो से अपने को बचाते हुए खिलाडिय़ों को मैदान पर विचरण करने वाले मवेशियों से भी अपने को बचाना पड़ता है. कई बार मवेशी मैदान पर दौडऩे भागने लगते है. हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है. मैदान के बीच हो रहे गड्ढे में अनजाने में पैर चले जाने से कई खिलाड़ी चोटिल भी हो चुके है.
इस तरह ग्राउण्ड पर हो रही अव्यवस्थाओं के कारण खिलाडिय़ों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. खेल मैदान पर काफी दिनों से गड्ढे हो रहे है जिससे खेल गतिविधियों के दौरान डर बना रहता है. समय रहते मैदान पर हो रहे इन गड्ढो को व्यवस्थित किया जाना जरुरी है ताकि बिना किसी जोखिम के यहां खेल गतिविधियों का संचालन हो सके.
यात्री प्रतिक्षालय में मवेशियों की मौजूदगी
रेलवे स्टेशन हो या फिर बस स्टेण्ड परिसर यहां बड़ी संख्या में मवेशियों का जमघट बना रहता है. रेलवे स्टेशन यात्री प्रतिक्षालय में जहां यात्री अपनी ट्रेन का इंतजार करते रहते है उस बीच यहां मवेशियों के झुंड के झुंड आ धमकते है. इसी तरह बस स्टेण्ड परिसर में भी मवेशियों का जमावड़ा देखा जा सकता है. अनेक बार रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड पर मवेशी दौडऩे-भागने लगते है, जिसके कारण लोग इनकी चपेट में आ जाते है कई बार इनकी चपेट में आने से यात्री चोटिल तक हो चुके है. साथ ही यात्रियों के पास मौजूद खाद्य सामग्री व अन्य सामान मवेशी हाथो में से खींच लेते है.
