
भोपाल। जनसंपर्क विभाग में बाहरी प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर संकट गहरा गया है। वर्ष 2020 के बाद अब 2025 में भी विभाग में बड़ा विरोध सामने आया है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने विवादित आदेश जल्द वापस नहीं लिया, तो इसका सीधा असर प्रदेश भर के सरकारी प्रचार-प्रसार और सूचना तंत्र पर पड़ेगा।
विरोध का केंद्र 26 नवंबर 2025 का वह आदेश है, जिसमें नर्मदापुरम संभाग के उपायुक्त राजस्व, गणेश कुमार जायसवाल (राज्य प्रशासनिक सेवा 2012) को अपर संचालक, जनसम्पर्क संचालनालय भोपाल के पद पर नियुक्त किया गया है। जनसम्पर्क अधिकारी संघ ने इसे विभागीय कैडर के अधिकारों का खुला हनन बताते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। संघ का कहना है कि डायरेक्टर और अपर संचालक जैसे पद विभागीय कैडर के लिए आरक्षित हैं, और इस बार किसी बाहरी अधिकारी की नियुक्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज मित्तल द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है कि जब तक आदेश निरस्त नहीं किया जाता, प्रदेश भर में कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। तृतीय वर्ग, चतुर्थ वर्ग एवं वाहन चालक संघ ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है, जिससे कई जिलों में कामकाज लगभग ठप हो गया है। प्रचार-प्रसार, मीडिया समन्वय और सूचना प्रसारण जैसी महत्वपूर्ण सरकारी गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं।
संघ ने राज्य स्तरीय विरोध की जानकारी अपर मुख्य सचिव, जनसम्पर्क विभाग को भेज दी है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि पदस्थापना और विभागीय संरचना पर पुनर्विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल सरकार की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
जिला स्तर पर भी उठेगी आवाज
संघ पदाधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आंदोलन की गूंज जिलों में भी सुनाई देगी। यदि भविष्य में किसी भी जिले में बाहरी अधिकारियों की इसी प्रकार की नियुक्ति की जाती है, तो जिला इकाइयाँ भी जोरदार विरोध दर्ज कराएंगी।
