भोपाल: मध्य प्रदेश में लंबे समय से टल रहा मंत्रिमंडल विस्तार एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में सभी विभागों की व्यापक समीक्षा करने जा रहे हैं। इस दो दिवसीय बड़े प्रशासनिक अभियान को सरकार ने बुंदेलखंड के विकास को समर्पित किया है, वहीं राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि विभागों की इस व्यापक परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद कैबिनेट विस्तार और विभागों में फेरबदल की प्रक्रिया तेज हो सकती है। फिलहाल राज्य मंत्रिमंडल में चार पद खाली हैं और भाजपा के कई वरिष्ठ विधायक मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
खजुराहो में होने वाली इस समीक्षा बैठक में विभाग पिछले दो वर्षों का पूरा रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करेंगे। इसमें उनके द्वारा किए गए काम, सामने आई चुनौतियाँ, हासिल की गई उपलब्धियाँ और भविष्य की कार्ययोजनाएँ शामिल होंगी। सरकार यह भी देखेगी कि किन विभागों ने नवाचार करते हुए बेहतर काम किया है और किन क्षेत्रों में अब भी सुधार की आवश्यकता है। माना जा रहा है कि इन रिपोर्टों के आधार पर ही मंत्रिमंडल विस्तार व पोर्टफोलियो बदलाव पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
9 दिसंबर को खजुराहो में विशेष कैबिनेट बैठक भी आयोजित की जाएगी, जो पूरी तरह बुंदेलखंड के विकास और केन–बेतवा लिंक परियोजना को समर्पित होगी। ऐतिहासिक खजुराहो में होने वाली यह बैठक निवेश, पर्यटन, बुनियादी ढांचा, जल प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्रित रहेगी। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कैबिनेट बैठकें करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सरकार यह संदेश देने की कोशिश में है कि बुंदेलखंड आगामी विकास एजेंडा का केंद्र रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह समीक्षा बैठकें आगामी चुनावी वर्ष से पहले प्रशासनिक पारदर्शिता और विभागीय दक्षता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी विभाग निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य करें और जनता से किए गए वादों की पूर्ति समयबद्ध तरीके से हो। खजुराहो में होने वाला यह दो दिवसीय आयोजन न केवल प्रदेश की विकास योजनाओं की गति तय करेगा बल्कि बुंदेलखंड को नई प्राथमिकता देने का भी बड़ा संकेत माना जा रहा है।
