अफगानी नागरिक है वाशिंगटन डीसी गार्ड शूटिंग का संदिग्ध

वाशिंगटन डीसी, 27 नवंबर (वार्ता) वाशिंगटन डीसी गार्ड शूटिंग का संदिग्ध रहमानुल्लाह लकनवाल 29 साल का एक अफगानी नागरिक है जिसकी पहचान उस संदिग्ध बंदूकधारी के तौर पर हुई है जिसने व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर वाशिंगटन डीसी में तैनात वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर बुधवार को दिन में गोली चलाई थी। यह संदिग्ध 2021 में संयुक्त राज्य अमेरिका आया था।

लकनवाल ने जिन 2 सुरक्षा प्रहरियों पर गोली चलाई थी दोनों गंभीर रूप से घायल हैं। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लकनवाल अपने देश से भाग रहे अफगानों के एक शरणार्थी कार्यक्रम के जरिए अमेरिका आया था। संघीय अधिकारी उसकी पृष्ठभूमि और उसके मकसद की विस्तार से जांच कर रहे हैं।

रिपोर्ट में स्थानीय अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि थैंक्सगिविंग से एक दिन पहले भीड़भाड़ वाले एक पर्यटक क्षेत्र में गोली चलाने के बाद वह घायल हो गया था। उसने अकेले ही यह काम किया और वेस्ट वर्जीनिया के सुरक्षा प्रहरियों को निशाना बनाया। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक लकनवाल 2021 में ऑपरेशन अलाइज वेलकम के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका आया था। अमेरिका का यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसे तब शुरू किया गया था जब अफगानिस्तान के युद्धक्षेत्र से अमेरिका की वापसी हुई थी। यह कार्यक्रम अफगानों को फिर से बसाने के लिए चलाया गया था। उसे बेलिंगहैम वाशिंगटन में फिर से बसाया गया और बाद में वह वाशिंगटन डीसी में रहा।

एनबीसी और द वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक बुधवार दोपहर नॉर्थवेस्ट डीसी में लकनवाल ने फर्रागुट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक कोने से मुड़ने और सड़क पर गश्त कर रहे दो सुरक्षा प्रहरियों पर गोली चलाने से पहले वहीं इंतजार किया। कानून प्रवर्तन सूत्रों का कहना है कि उसने एक महिला सैनिक को सीने में और फिर सिर में गोली मारी और फिर अपनी बंदूक उसके साथी पर तान दी।

पास में तैनात एक तीसरे सुरक्षा प्रहरी ने बीच-बचाव किया और संदिग्ध को गोली मार दी, जिससे हमला खत्म हो गया। वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दोनों सैनिकों को एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि लकनवाल ने अकेले ही यह काम किया। उसका मकसद अभी तक पता नहीं चला है। अधिकारी इस घटना की जांच आतंकवाद के संभावित नजरिए से भी कर रहे हैं। मुठभेड़ के दौरान संदिग्ध को कई बार गोली मारी गई। मेडिकल टीमों ने मौके पर उसका इलाज किया लेकिन उसे लगभग बिना कपड़ों के ही हिरासत में लिया गया।

वाशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरियल बोसर ने इस गोलीबारी को ‘टारगेटेड हमला’ बताया। युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस घटना के जवाब में राजधानी में 500 और सैनिकों की तैनाती की घोषणा की। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निर्देशक काश पटेल ने कहा कि इस मामले पर मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने इसे फेडरल कानून को लागू करने वाले लोगों पर हमला बताया।

 

 

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