महासमुंद, 26 नवंबर (वार्ता) छत्तीसगढ के महासमुंद जिले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) रायपुर मण्डल द्वारा सिरपुर स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर परिसर में 19 से 25 नवंबर तक आयोजित विश्व धरोहर सप्ताह का समापन मंगलवार देर शाम हुआ। सप्ताहभर चले इस कार्यक्रम में छाया चित्र प्रदर्शनी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी।
बुधवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदर्शनी में विश्व की संरक्षित 71 धरोहरों के छाया चित्र प्रदर्शित किए गए। इनमें छत्तीसगढ़ के दुर्गा मंदिर चैतुरगढ़ (लाफा–कोरबा), भीम कीचक मंदिर (बिलासपुर) सहित मध्यप्रदेश के प्रागैतिहासिक शैल गुफाएँ, सांची का स्तूप नं. 3 तथा महादेव मंदिर नारायणपुर जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों की झलक शामिल थी।
विश्व धरोहर सप्ताह के दौरान विभिन्न स्कूलों में पेंटिंग, क्विज़ और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन समारोह में प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि जी. एल. रायकवार, उप निदेशक (रि), संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व, छत्तीसगढ़ ने पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं। प्रदर्शनी और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
महासमुंद वल्लभाचार्य शासकीय स्नातकोत्तर विद्यालय की छात्रा छाया साहू ने कहा, “हमें नहीं पता था कि विश्व में इतने ऐतिहासिक और प्राचीन महत्व की धरोहरें हैं। इस प्रदर्शनी से हमें नई और रोचक जानकारी मिली है।”
एएसआई रायपुर मण्डल के अधीक्षण पुरातत्वविद डा. काली मुथुर ने कहा, “लोगों को विश्व धरोहरों के महत्व और विशेषताओं से परिचित कराने के उद्देश्य से विश्व धरोहर सप्ताह मनाया गया। इससे नई पीढ़ी में संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।”
सिरपुर में विश्व धरोहर सप्ताह सम्पन्न: 71 वैश्विक धरोहरों की छाया चित्र प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
