जबलपुर: 2025 की विदाई अब करीब है। नवम्बर का खात्म होने चंद दिन बचे है ऐसे में एक माह के अंदर पुलिस को लंबित मामले निपटाने है। ऐसे में थानों में लंबित अपराधों को निपटाने का तेजी से चल रहा हैं। थाना प्रभारियों से लेकर विवेचक लंबित अपराधों का निकाल कैसे हो इस पर फोकस कर रहे हैं। दरअसल सालभर की लंबित शिकायतें पुलिस के सिरदर्द बनी है। ऐसे में पुलिस लंबित मामलों को निपटाने में जुटी हुई और नये मामलों से परहेज कर रही है। पुलिस ने सालभर में पहुंची लंबित शिकायतों को पुलिस ने खोल तो दिया इसके साथ ही विवेचना तेज करने के साथ पीडि़तों के बयान लेने के साथ अन्य जांच शुरू कर दी हैं अब पुलिस उन शिकायतों पर या तो एफआईआर दर्ज कर रही है या फिर इन शिकायतों पर खात्मा लगा रही है।
लंबित प्रकरणों की भरमार
थानों में लंबित प्रकरणों की भरमार हैं। जिन्हें अब बचे हुए दिनों मेें पूरा करना पुलिस के लिए चुनौती से कम नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने लंबित प्रकरणें को साल के अंत तक समय सीमा में निपटारा करने मातहात को सख्त निर्देश दें दिए है, मातहात भी पूरी कोशिश में जुट गए है कि अपने-अपने थानों के प्रकरण निपट जाये और लंबित अपराधों का निकाल कर रिकॉर्ड दुरूस्त कर लें।
फाइलें खुली, फरियादी भी आ रहे याद
सूत्रों की माने तो पुलिस थानों में कई ऐसे भी शिकायतें हैं जो धूल खा रही थी। सभी को पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया। साथ ही जांच पड़ताल के बाद जिन पर कायमी करना है और जिन शिकायतों का निपटारा करना है उनके फरियादियों को थाने से फोन भी पहुंच रहे है किसी के बयान बाकी है तो किसी की शिकायत पर विस्तृत जांच बाकी है।
