जबलपुर: वर्तमान में बदलते परिवेश को ध्यान में रखते हुये किसी भी कार्य में पारदर्शिता एवं कम्यूनिटी पुलिसिंग की नितांत आवश्यकता है। वर्तमान समय में समाज एंव तकनीकी दोनों बदल रहे है, जिसे ध्यान में रखते हुये आपकों भी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना होगा। यह बातें डीआईजी विनीत कपूर कम्यूनिटी पुलिसिंग, पुलिस मुख्यालय भोपाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समस्त राजपत्रित अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहीं।
कम्यूनिटी पुलिसिंग पर चर्चा करते हुये उन्होंने कहा कि आगे आने वाले समय मे अपराध एवं तकनीक को ध्यान में रखते हुये आप सभी को पूरी सजगता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा, वर्तमान समय में यदि आप संवेदनशील रहकर कोई भी कार्य करेंगे तो आपको कहीं भी पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आयेगी।
कम्यूनिटी पुलिसिंग से एक ऐसा वातावरण निर्मित हो सकता है जिससे पुलिस-जनता के संबंधों में सुधार लाया जा सकता है। प्रोएक्टिव या सक्रिय पुलिसिंग के लिए यह आवश्यक है कि जनता को अपने साथ मिलाकर अपराधियों या असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसा जाए। विभिन्न अपराध जैसे नशीली दवाओं का बढ़ता प्रयोग, शराब व अवैध खनन का गोरखधंधा तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी आपदाओं से निपटने व साम्प्रदायिक दंगों पर नियंत्रण करने के लिए यह एक बहुत ही कारगर तरीका है।
बैठक में डीआईजी ने 15 दिसम्बर से शुरू होने वाले सृजन कार्यक्रम के सम्बंध में बताते हुये एनजीओ की भूमिका के निर्वहन के सम्बंध में चर्चा कर नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के संस्थागत पुनर्गठन के बारे में बताया। उन्होंने कहा साइबर सिक्योरिटी, विमेन एंड चाइल्ड सेफ्टी व काउंसलिंग में पुलिस एवं एन.जी.ओ का साथ मिलकर कार्य करना ज्यादा सार्थक होगा इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुश्री अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, समस्त नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, विभिन्न क्षेत्र मे सामाजिक कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता एनजीओ उपस्थित रहे ।
