मैसूर, 22 नवंबर (वार्ता) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने शनिवार को एक हल्के-फुल्के लेकिन प्रेरणादायक अंदाज़ में कहा कि उनकी कम से कम 100 साल जीने की योजना है।
इसके साथ ही उन्होंने पार्टी आलाकमान के निर्देशों के अनुसार काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
श्री सिद्दारमैया ने अपने जीवन प्रत्याशा के बारे में महात्मा गांधी के साथ हुई एक बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा , “मैं अब 79 साल और चार महीने का हूँ तथा 100 साल जीने का इरादा रखता हूँ।” मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने पहले गांधीजी को एक पत्र लिखकर अपनी सौ साल जीने की इच्छा जताई थी। गांधीजी ने मज़ाकिया लहजे में जवाब दिया था कि अगर सिद्दारमैया 100 साल जीते हैं, तो उन्हें खुद 125 साल जीना होगा। उन्होंने श्रोताओं से कहा, “मैं भी 100 साल जीऊँगा।”
उन्होंने कहा, “हमें डर और अंधविश्वासों से परे देखना होगा।” उन्होंने याद दिलाया कि कैसे ज्योतिषियों ने एक बार भविष्यवाणी की थी कि जब एक कौआ उनकी कार पर बैठ गया था, तो वे अपना मुख्यमंत्री पद खो सकते हैं। ऐसी चेतावनियों के बावजूद, उन्होंने पूरे पाँच साल का कार्यकाल पूरा किया और अब अपने दूसरे कार्यकाल में ढाई साल पूरे कर चुके हैं।
श्री सिद्दारमैया ने अपने राजनीतिक सफ़र पर भी विचार करते हुए कहा, “हम जनता के आशीर्वाद से ही सत्ता में बने रह सकते हैं। मैंने 16 चुनाव लड़े हैं और चार बार हार का सामना किया है।”
प्रशंसकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए और उनसे पूरे पाँच साल का कार्यकाल पूरा करने का आग्रह किया, जिस पर श्री सिद्दारमैया ने जवाब दिया, “यह आलाकमान तय करता है।”
इस अवसर पर उन्होंने अधिवक्ता रविवर्मा कुमार को ‘डी देवराज उर्स-एलजी हवनुरु’ पुरस्कार प्रदान किया।
