
सीधी। जिले के खड्डी चौकी अंतर्गत ग्राम पोस्ता की 56 वर्षीय दुजी सिंह गोंड़ जो तीन दिनों से लापता थीं, उनका शव बुधवार सुबह सोन नदी से बरामद हुआ। मौके पर पहुंचे परिजन और पुलिस ने शव की पहचान महिला के आंख में लगे चश्मे और पैर में पहनी पायल के आधार पर की। शव पुल से करीब एक किलोमीटर दूर नदी के किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे बाजार जाने निकली दुजी सिंह लापता हो गई थीं। देर शाम तक घर न लौटने पर परिवार ने तलाश शुरु की। इसके बाद भंवरसेन पुल पर उनकी चप्पलें मिलीं, जिससे यह आशंका गहरी हो गई कि उन्होंने नदी में छलांग लगा ली होगी। ग्रामीण राम प्रताप ने भी पुलिस को जानकारी दी थी कि एक महिला को उन्होंने पुल से नदी में कूदते देखा था। इसी आधार पर तीन दिनों से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। आज सुबह एसडीआरएफ की टीम को नदी के किनारे एक शव दिखाई दिया। नजदीक जाकर देखने पर पुष्टि हुई कि यह दुजी सिंह का ही शव है। इसके बाद शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।परिवार के बेटे शुभम सिंह ने बताया कि उनकी मां एक महीने से मानसिक रूप से परेशान थीं, लेकिन हालात इतने गंभीर हो जाएंगे, इसका अंदेशा नहीं था। वे बाजार जाने का कहकर निकली थीं और वापस नहीं लौटीं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। लगातार तीन दिनों तक चल रहे खोज अभियान के बाद शव मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर महिला को आत्मघाती कदम उठाने के लिए क्या मजबूर किया।पुलिस अब मानसिक स्थिति, परिवारिक तनाव, और अन्य संभावित कारणों पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो तुरंत चौकी खड्डी से संपर्क करें।
इनका कहना है-
तीसरे दिन महिला का शव बरामद कर लिया गया है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार प्रयास कर रही थी। ग्रामीणों की सूचना और नदी के आसपास के क्षेत्रों की तलाशी के आधार पर आज सफलता मिली है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन मामले की गहराई से जांच की जा रही है। परिजनों से भी पूंछताछ की जा रही है कि कहीं महिला किसी मानसिक तनाव या घरेलू समस्या से जूझ तो नहीं रही थी।
नीरज साकेत, चौकी प्रभारी खड्डी
