रायपुर, 20 नवंबर (वार्ता) आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले में बीते 18 नवंबर को एक मुठभेड़ में ढेर किए गए नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा और उसकी पत्नी मडकम राजे का शव दो दिन बाद गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव पूवर्ती लाया गया। गांव में प्रवेश करते ही दोनों के शवों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें आसपास के 20 से अधिक गांवों से लोग शामिल हुए। हिड़मा की बहन माडवी देवी शव देखते ही फफककर रो पड़ी और देर तक बिलखती रही।
हिड़मा की मां की अंतिम इच्छा पर उनके शव को गांव लाया गया था। हिड़मा की मौत की खबर मिलने के बाद उसकी मां ने भावुक अपील की थी- “मैं बूढ़ी हो चुकी हूं… अपने बेटे का शव नहीं ला सकती। पुलिस मेरे बेटे का शव गांव ले आए, ताकि मैं अंतिम संस्कार कर सकूं।” इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को गांव लाने की व्यवस्था की।
