इंदौर: दलित समाज की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी भूमाफिया संजय दुबे की अग्रिम जमानत अर्जी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी. बच्ची गर्भवती होने के बाद मामला सामने आया था, वह साढ़े तीन माह के गर्भ से थी. मामला सामने आने के सात दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने से परिजनों और समाज में रोष है.चंदननगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी भूमाफिया संजय दुबे की ओर से दायर अग्रिम जमानत अर्जी सत्र न्यायाधीश नौशीन खान की अदालत ने पीड़िता के परिजनों की आपत्ति के बाद खारिज कर दी.
मामला तब सामने आया, जब अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने आरोपी के खिलाफ चंदननगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई. मेडिकल जांच में सामने आया कि नाबालिग तीन महीने से अधिक के गर्भ से थी. बच्ची का अस्पताल में ऑपरेशन कर गर्भपात करवाया. परमार बच्ची का हालचाल जानने पहुंचे और कहा कि यदि 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा.
दरअसल,संजय दुबे की गौशाला में नाबालिग कभी-कभी काम के लिए जाती थी. उसी दौरान आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की और धमकाया कि यह बात किसी को बताई तो उसके भाई और भाभी को मार देगा. डर के कारण बच्ची चुप रही, इसी का फायदा उठाकर आरोपी उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा.एक दिन फरियादी की भतीजी ने आरोपी को नाबालिग के पास संदिग्ध स्थिति में देख लिया और घर जाकर माता-पिता को बताया.
परिवार ने बच्ची से पूछताछ की तो सच सामने आया, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. रिपोर्ट दर्ज हुए सात दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. अब तक आरोपी पर इनाम भी घोषित नहीं किया है. परिवार और समाजजन का कहना है कि आरोपी को जल्द हिरासत में नहीं लिया गया तो विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा.
