ग्वालियर: वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती स्त्री शक्ति दिवस पर जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ग्वालियर महानगर द्वारा प्रेरणादायक कार्यक्रम “वीरांगना” आयोजित किया गया। जिसमें स्त्री सशक्तिकरण का संदेश अभाविप की छात्रा कार्यकर्ताओं ने दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे, विशिष्ट अतिथि ग्वालियर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विदिता डागर एवं अभाविप की प्रांत सहमंत्री कु. कविता खटीक की विशेष उपस्थिति रही।
महानगर उपाध्यक्ष पल्लवी राय ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। महानगर सहमंत्री कु. तुलसी गौर ने इस कार्यक्रम में पधारे अतिथियों, विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में ग्वालियर के विभिन्न महाविद्यालयों से आयीं छात्राओं ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे ने वक्तव्य में कहा कि नारी अपनी शक्ति का प्रयोग सकारात्मक दिशा में करें और सदैव सकारात्मक सोच रखें। अपने संस्कारों को लेके आगे बढ़ें। नारी में वह शक्ति है कि वह बिगड़े कार्य को भी अपने सामर्थ्य से सही कर देती है।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विदिता डागर ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई साहस का प्रतीक, स्वतंत्रता की मशाल थीं और उनका चरित्र आज भी भारतवर्ष की प्रत्येक बेटी, प्रत्येक नारी और प्रत्येक युवती के लिए प्रेरणादायी है।वहीं विशेष रूप से उपस्थित कु. कविता खटीक ने कहा कि जब एक छात्रा शिक्षित होती है आगे बढ़ती है तो यह समाज आगे बढ़ता है और उसमें राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की भावना जागृत होती है तभी जाकर देश भी आगे बढ़ता है। अभाविप मिशन साहसी और ऋतुमति अभियान जैसे अभियानों के माध्यम से छात्राओं की आत्मसुरक्षा और उनके अच्छे स्वास्थ के लिए निरंतर कार्यरत है। वीरांगना कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ हुआ।
