
नई दिल्ली, 19 नवंबर 2025: राहुल द्रविड़ के बाद 2024 में गौतम गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया था, लेकिन उनके कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने 7 टेस्ट जीते हैं, जबकि 9 टेस्ट मैचों में हार का सामना किया है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 13 महीनों में घरेलू मैदान पर भारत को चार हार मिली है, जबकि सिर्फ दो जीत दर्ज हुई है।
53 सालों में घरेलू मैदान पर सबसे खराब दौर
आंकड़ों की बात की जाए तो गंभीर के नेतृत्व में भारतीय टीम ऐतिहासिक रूप से सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। 53 सालों में भारतीय टीम का यह प्रदर्शन सबसे खराब है। पिछली बार भारतीय टीम घर में छह में से चार टेस्ट हारी थी, ऐसा 1969-72 के दौरान हुआ था, जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ हार मिली थी। विशेषज्ञों की जगह ऑलराउंडर को तवज्जो देने और टीम में लगातार बदलाव की रणनीति को हालात बिगाड़ने का कारण बताया जा रहा है।
परिवर्तन के दौर से गुजर रही टीम
यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेस्ट टीम परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, जिसके बाद शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया। इसके अलावा, जसप्रीत बुमराह की चोट और प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने भी टीम को प्रभावित किया है। टीम का आत्मविश्वास खोना साउथ अफ्रीका के खिलाफ 124 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा न कर पाने से स्पष्ट दिखता है।
