कुर्सी पर छिड़ी BJP-JDU में जंग: बिहार में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा, दलबदल और राजनीतिक स्थिरता के लिए स्पीकर की कुर्सी बनी रणनीतिक हथियार

नई दिल्ली, 19 नवंबर 2025: बिहार में नई सरकार के गठन से पहले विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर घटक दलों BJP और JDU के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह पद केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राजनैतिक रणनीति और शक्ति का प्रतीक बन गया है। दलबदल और जोड़-तोड़ की सियासी परिस्थितियों में यह पद बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। वर्तमान में यह पद BJP के पास है, जबकि JDU विधान परिषद सभापति के पद BJP के पास होने का तर्क देते हुए अध्यक्ष का पद मांग रही है।

स्पीकर की कुर्सी क्यों है इतनी अहम?

विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका संविधान के अनुच्छेद 178 में परिभाषित है। अध्यक्ष सदन की कार्यवाही का संचालन करता है और विधायकों के अनियंत्रित व्यवहार को नियंत्रित करता है। सबसे अहम यह है कि 1985 के दलबदल विरोधी कानून के तहत अध्यक्ष के पास किसी विधायक को अयोग्य ठहराने का अधिकार होता है। गठबंधन सरकारों में सरकार की स्थिरता और राजनैतिक दांव-पेंच के लिए यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है।

राजनीतिक दांव-पेंच का रणनीतिक हथियार

BJP और JDU दोनों ही अध्यक्ष पद पर अपनी पकड़ मज़बूत करना चाहते हैं। JDU इसे अपने विधायकों को सुरक्षित रखने और BJP पर नियंत्रण रखने के अवसर के रूप में देख रहा है। वहीं, BJP इस पद को भविष्य में राजनीतिक विभाजन की स्थिति में रणनीतिक हथियार के रूप में देख रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार की मज़बूती के लिए मुख्यमंत्री और अध्यक्ष के बीच समन्वय ज़रूरी है।

Next Post

शिवपुरी में नीलगर-विष्णु मंदिर मार्ग को आज किया बंद, झील संरक्षण परियोजना के कारण यातायात पर प्रतिबंध

Wed Nov 19 , 2025
शिवपुरी: झील संरक्षण परियोजना के तहत सीवर लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग बर्फ फैक्ट्री नाले पर सीवर लाइन मिलान का कार्य कर रहा है। इसके कारण आज बुधवार 19 नवंबर को नीलगर चौराहे से विष्णु मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर […]

You May Like