शक्तिनगर: ओबरा के बिल्ली के पत्थर खदान में हुये हादसे के बाद अब तक आधा दर्जन शव बरामद किये गये हैं। लगातार रेस्क्यू जारी हैं। जिले के प्रभारी मंत्री के साथ राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने घटना स्थल का दौरा किया। इस दौरान मंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि कोई भी कितना बड़ा आदमी हो, दोषियों को बक्सा नही जाएगा।
दरअसल बिल्ली खनन क्षेत्र स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में हुए खनन हादसे में तीसरे दिन कड़ी मशक्कत के बाद अब तक कुल पॉच शव बरामद किया गया हैं। वही जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराए जाने के पश्चात सभी शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या अब तक छ: पहुंची है। इससे पूर्व रविवार की शाम को दो शव बरामद किया गया था। वही एनडीआरएफ के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासन द्वारा अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका को लेकर मलवा हटाने का कार्य किया जा रहा है।
खनन हादसे में पहाड़ी में सोमवार की देर रात जिन शवों को बरामद किया गया, उनमें पनारी ग्राम सभा के टोला कर्मसार निवासी सगे भाई 30 वर्षीय इंद्रजीत यादव तथा 28 वर्षीय संतोष यादव पुत्रगण सोभनाथ यादव, कोन के कचनरवा निवासी 22 वर्षीय रविंद्र पुत्र राज कुमार और 40 वर्षीय राम खेलावन पुत्र सीताराम निवासी ग्राम पंचायत पनारी के टोला खड़री के रूप में पहचान हुई है। पुलिस द्वारा सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया। वहीं पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना स्थल पर पहुंचे अन्य परिजनों के अनुसार 32 वर्षीय कृपाशंकर पुत्र सूरज नारायण ग्राम सभा पनारी के टोला खड़री तथा 34 वर्षीय राम किशुन पुत्र लालजी ग्राम पंचायत जुगैल के टोला पोखरी डाड़ का अभी पता नहीं चला है।
प्रभारी मंत्री ने घटना स्थल का किया दौरा
ओबरा के पत्थर खदान खनन हादसे की जानकारी पर प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीड़ि़त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त किया है। उन्होंने घोषणा किया कि श्रम विभाग, खनन विभाग और अन्य संबंधित विभागों की ओर से प्रत्येक पीड़ि़त परिवार को लगभग 20 लाख रुपए तक की सहायता राशि दी जाएगी। कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। जो इस घटना में डायरेक्ट अथवा इनडायरेक्ट दोषी होगा, उसके ऊपर कड़ी कार्यवाही होगी।
रेस्क्यू का कार्य आज पूरा होने की संभावना
उ.प्र. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि रेस्क्यू का काम बहुत ही जोखिम भरा है। कहा की घटना एक खदान में लगभग 400 फीट नीचे हुई है। बड़ी चट्टानों को सावधानी पूर्वक तोड़कर ही मलवा हटाया जा सकता है। रेस्क्यू में लगी टीमों का मनोबल ऊंचा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज मंगलवार की शाम तक लगभग रेस्क्यू का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
दोषियों को बक्सा नही जाएगा: अनिल
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अनिल राजभर ने कहा कि घटना बहुत ही दुखद है। सभी पीड़ि़त परिवारों के प्रति प्रदेश सरकार की पूरी सहानुभूति है। कहा कि इस घटना को लेकर जिला प्रशासन द्वारा चारों तरफ सूचना कराई जा रही है। यदि किसी परिवार के सदस्य नहीं मिल रहे हैं और यहां पर कार्य कर रहे थे तो उनकी जानकारी हमें अथवा जिला प्रशासन को दी जाए, ताकि उनकी खोज सुनिश्चित की जाये। कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी इस घटना में दोषी होंगे उनको बक्सा नहीं जाएगा। सभी को पता है कि प्रदेश सरकार जब कार्यवाही करती है तो कोई कसर नहीं छोड़ती है। कहा कि सभी पीड़ित परिवार सरकार की कार्यवाही से निश्चित रूप से संतुष्ट होंगे।
