सतना : जिले के नागौद क्षेत्र में 3 दिन पहले बाइक सवार युवक को दूसरे बाइक सवार युवक द्वारा कट्टे से फायर करने की घटना ने सनसनी फैला दी थी. घायल युवक द्वारा इस मामले में एक युवक के विरुद्ध नामजद शिकायत भी की गई थी. लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरु की तो कथित तौर पर गोली चलाने वाले युवक की लोकेशन पुणे महाराष्ट्र में दिखाई दी. लिहाजा पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए बदले की भावना से युवक का फंसाने की साजिश का खुलासा करते हुए आधा दर्जन आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी.
नागौद थाना प्रभारी अशोक पाण्डेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरानी कोतवाली क्षेत्र में रहने वाला 22 वर्षीय युवक समीर सौदागर पिता सरीफ द्वारा 14 नवंबर की शाम कट्टे से चली गोली से घायल हो गया था. समीर ने शिकायत की कि शंकर बाग के निकट बाइक से गुजरने के दौरान निशांत सिंह नामक युवक अपने दो अन्य साथियों के साथ मिला. इसी दौरान गाली गलौच करते हुए निशांत ने जान से मारने की नियत से कट्टे से समीर पर फायर कर दिया. कट्टे से निकली गोली समीर के बाएं हाथ में लगी. जिससे उसकी छोटी उंगली क्षतिग्रस्त हो गई.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी. लेकिन कट्टे से फायर करने वाले मुख्य आरोपी बताए जा रहे निशांत की टावर लोकेशन ट्रेस की गई तो यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि उस दौरान वह महाराष्ट्र के पुणे में था. जिसे देखते हुए पुलिस ने शिकायत करने वाले समीर सौदागर की कुण्डली खंगालनी शुरु की. नतीजतन समूचा घटनाक्रम बदले की भावना से निशांत को झूठे मामले में फंसाने के तौर पर सामने आ गया.
वीडियो बनाने के दौरान चली गोली
पुलिस द्वारा कुण्डली खंगाले जाने पर जो कहानी सामने आई उसके अनुसार घटना वाले दिन समीर अपने साथी संजय के साथ प्रदीप की कार में दिल्लू मुसलमान और राजाबाबू के साथ बैठकर नागौद पहुंचा. जहां पर हिमांशु को साथ लेकर सभी ने गांजा पिया. जिसके बाद सभी लोग उसी कार में बैठकर पीपल चौराहे की ओर जाने लगे. इस दौरान समीर अपने पास मौजूद कट्टे से स्नैप वीडियो बना रहा था. लेकिन गलती से कट्टे से फायर हो गया और गबोली लगने से समीर का हाथ लहुलुहान हो गया. लेकिन इस समूचे घटनाक्रम को छिपाते हुए नई कहानी गढ़ी गई और निशांत के विरुद्ध हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज करा दिया गया.
साथियों ने सुनाई मनगढ़ंत कहानी
सिलसिलेवार तरीके से घटनाक्रम स्पष्ट हो जाने के बाद पुलिस द्वारा आरोपी समीर सौदागर, मंते उर्फ हिमांशु यादव, संजय बेलदार, प्रदीप प्रजापति, राजाबाबू ताम्रकार और दिल्लू मुसालमान के विरुद्ध 217 229 231 238 248 125 बीएनएस और 25,27 आम्र्स एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया. पुलिस के अनुसार फरियादी समीर और उसके साथियों ने झूठा घटनास्थल बनाकर पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत कहानी प्रस्तुत की थी. पुरानी रंजिश भुनाने और बदले की भावना से निशांत को फंसाने का प्रयास किया गया था. पुलिस द्वारा इस मामले में जहां मंते उर्फ हिमांशु, संजय, और प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है. इसी कड़ी में घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया गया है.
