
नई दिल्ली , 05 सितंबर 2025: भारत में दालों का उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों में दलहन फसलों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि दालों के उत्पादन में देश की निर्भरता को कम किया जाए और आयात पर खर्च होने वाली राशि को बचाया जा सके।
चार राज्यों पर विशेष फोकस
इन चार राज्यों को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां की जलवायु और मिट्टी दलहन की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। सरकार इन राज्यों के किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान कर रही है। इससे किसानों को दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो सके।
दालों की उपलब्धता और कीमतों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि दालों के उत्पादन को बढ़ावा देने से भविष्य में इनकी उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतें भी स्थिर रहेंगी। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद करेगी। सरकार की यह योजना दालों के उत्पादन में देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
