
दतिया। बारिश और मड़ीखेड़ा सहित पांच डैमों से छोड़े गए पानी के चलते सिंध नदी उफान पर आ गई है। सोमवार को मड़ीखेड़ा डैम से करीब 5000 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने के बाद इंदरगढ़ तहसील के सुनारी, पाली, खेरोना घाट, कुलैथ सहित करीब आधा दर्जन गांवों में पानी पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेवड़ा एसडीएम अशोक अवस्थी, तहसीलदार दीपक यादव और नायब तहसीलदार मनोज दिवाकर ने प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए और सरपंच, सचिव व आपदा प्रबंधन दलों को 24 घंटे सक्रिय रहने को कहा।
एसडीएम ने बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सिंध नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मड़ीखेड़ा, मोहिनी सहित अन्य डैमों से भी पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियातन सभी राहत दलों को तैयार रखा है।
*सेवड़ा का पुल डूबा, संपर्क टूटा* लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण सेवड़ा का पुल डूब गया, जिससे सेवड़ा-भिंड-ग्वालियर मार्ग बंद हो गया है। पुल पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुल आगामी आदेश तक बंद रहेगा। इससे 30 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
*प्रशासन ने सनकुआ घाट पर स्नान पर रोक लगाई*: सनकुआ घाट पर जलस्तर बढ़ने के चलते श्रद्धालुओं से स्नान न करने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत दल तैनात कर दिए गए हैं।
