सतना: विंध्य क्षेत्र के प्रवेश द्वार का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन सतना को विश्व स्तरीय स्टेशन बनाने का कार्य अब तेजी पकडऩे लगा है। रेलवे गतिशक्ति मिशन के तहत हो रहे पुनर्विकास में प्लेटफॉर्म नंबर-1 के मुख्य प्रवेश द्वार का आधुनिककरण भी जल्द शुरू होगा।इस कार्य के लिए मुख्य द्वार के ठीक सामने आने वाले तीन मंदिरों में से एक शिव मंदिर को हटाना जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि उसकी जगह पर रेलवे के स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार नया निर्माण होना है।
सोमवार को रेलवे अधिकारियों ने मौका मुआयना किया और शिव मंदिर (शंकर भगवान का मंदिर) को मुख्य द्वार के पास ही बने हनुमान मंदिर के बगल वाली जगह पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार किया है। निरीक्षण के दौरान सतना एरिया मैनेजर नरेंद्र सिंह, स्टेशन प्रबंधक ए. मतीन, गतिशक्ति मिशन जबलपुर के संजय पयासी, आरपीएफ प्रभारी वीरेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। बता दे कि भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की तर्ज पर सतना रेलवे स्टेशन को भी वर्ड क्लास बनाने के लिए करीब 265 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
अंतिम निर्णय जबलपुर से
प्रस्ताव पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर भेजा जा चुका है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही मंदिर को नए स्थान पर स्थापित कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर को ज्यादा दूर नहीं ले जाया जा रहा है।
