इंदौर: क्राइम ब्रांच ने बजाज फाइनेंस के साथ किए गए बड़े लोन फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी गैंग फर्जी मेडिकल डिग्री और डॉक्टरों के नाम बदलकर तैयार किए गए दस्तावेजों के आधार पर लाखों का लोन ले रहा था. तीन सदस्यीय गिरोह में शामिल एक आरोपी को पकड़ लिया है, जबकि दो साथी अब भी फरार हैं. टीम फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और सभी की भूमिका के आधार पर आगे कार्रवाई की तैयारी है.
एडीसीपी क्राईम राजेश दंडोतिया ने बताया कि फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम को बजाज फाइनेंस की ओर से शिकायत मिली थी कि तीन लोगों ने फर्जी मेडिकल कागजों के सहारे कंपनी से लोन लेकर धोखाधड़ी की है. शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने तुरंत प्रकरण दर्ज की और तकनीकी पड़ताल के साथ दबिशें शुरू कीं. इसी दौरान आरोपी प्रदीप निरंजन की लोकेशन झांसी में मिली, जहाँ से उसे दबोच लिया.
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर लोन लेने की बात स्वीकारी है. गिरोह ने असल डॉक्टरों के नाम का इस्तेमाल करते हुए अपने पिता के नाम बदलकर दस्तावेज तैयार किए थे, जिनके आधार पर फाइनेंस कंपनी को भ्रमित कर लोन स्वीकृत करवाया गया. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि बाकी दोनों आरोपियों की लोकेशन व भूमिका स्पष्ट की जा सके. आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा जारी है.
