सोनी सब के कलाकारों ने साझा की अपनी सर्दियों की प्यारी यादें और परंपराएं

मुंबई, 17 नवंबर (वार्ता) सोनी सब के कलाकारों ने अपनी सर्दियों की प्यारी यादें और परंपराएं प्रशंसकों के साथ साझा की है।
सोनी सब के शो इत्ती सी खुशी में हेतल दिवेकर का किरदार निभा रहीं नेहा एसके मेहता ने कहा, “वडोदरा और अहमदाबाद के बीच पली-बढ़ी होने के कारण, सर्दियां हमेशा हमारे गुजराती घर में खास होती थीं। जैसे ही तापमान गिरता, मेरी मां पारंपरिक सर्दियों के व्यंजन जैसे उंधियू बनाना शुरू कर देतीं। मुझे याद है, मैं ठंडी सुबहों में दादी के साथ बैठकर तिल के लड्डू बनाती थी। रसोई की गर्माहट और उनकी कहानियों ने उन पलों को जादुई बना दिया था। आज भी, चाहे शूटिंग कितनी भी व्यस्त क्यों न हो, मैं सर्द सुबह की शुरुआत हल्दी और गुड़ वाले गर्म दूध से ही करती हूं। मेरे लिए सर्दियां मतलब सादगी में सुकून, अपनेपन में गर्मी और यादों का निर्माण।”
पुष्पा इम्पॉसिबल में चिराग की भूमिका निभा रहे नितिन बाबू ने कहा, “सर्दियां मेरे दिल में एक खास जगह रखती हैं क्योंकि यह मुझे मेरे वतन, जम्मू-कश्मीर के भदरवाह की याद दिलाती हैं। पहाड़ों में पली-बढ़ी होने के नाते, मुझे याद है कि कैसे सर्दियाँ हर चीज़ को एक बेदाग़ सफ़ेद परिदृश्य में बदल देती थीं। मेरी मां पारंपरिक कश्मीरी व्यंजन ‘वज़वान’ बनाती थीं और पूरा घर सुगंधित मसालों और धीमी आँच पर पके हुए मांस की खुशबू से भर जाता था। मुझे अपने परिवार के साथ बुखारी के पास बैठकर कहवा चाय का आनंद लेने की ज़बरदस्त यादें हैं। आज भी, जब भी सर्दियां आती हैं, मुझे उन दिनों से गहरा जुड़ाव महसूस होता है। मैं प्रकृति प्रेमी हूँ, और मेरे लिए, सर्दियों के दौरान पहाड़ मेरी आत्मा के लिए सबसे अच्छे चिकित्सक हैं। सर्दियाँ धीमे होने, उन चीज़ों से फिर से जुड़ने और सादगी में शांति पाने के बारे में हैं।”
पुष्पा इम्पॉसिबल में प्रार्थना का किरदार निभा रहीं पूजा कातुर्दे ने कहा, “मेरे लिए सर्दियों का मतलब है खाना! पुणे की रहने वाली होने के नाते, मैं हमेशा इस मौसम को पसंद करती आई हूं, क्योंकि इसके साथ आती हैं सर्दियों की पारंपरिक मराठी मिठाइयाँ। मेरी सबसे प्यारी याद है, दादी के साथ तिल-गुल लड्डू बनवाने की। सर्दी की सबसे सुंदर बात यह है कि यह परिवारों को और करीब लाती है। ठंडा मौसम सबको साथ बैठने, खाना बांटने और रिश्तों को मजबूत करने का मौका देता है। आज भी, शूटिंग के दौरान मैं इन परंपराओं को अपने साथ रखती हूं। मेरे लिए सर्दी घर, परिवार और सादगी भरे, दिल से जुड़े पलों की याद दिलाती है।”
गाथा शिव परिवार की- गणेश कार्तिकेय में देवी पार्वती की भूमिका निभा रहीं श्रेनु पारिख ने कहा, “सर्दियाँ मेरा पसंदीदा मौसम है क्योंकि यह लोगों और परिवारों के लिए गर्माहट लेकर आती है। वडोदरा में पली-बढ़ी होने के नाते, मेरे पास अपने परिवार के साथ सर्दियों की खूबसूरत यादें हैं – त्यौहार, पारंपरिक खाना और साथ बिताए वो सुकून भरे पल। मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है कि कैसे सर्दियाँ स्वाभाविक रूप से लोगों को करीब लाती हैं। मैं नियमित रूप से योग करती हूँ और इस मौसम में आराम करने, अपनों के साथ गरमागरम खाने का आनंद लेने और आत्मचिंतन में समय बिताने में विश्वास रखती हूँ। सर्दियाँ मुझे घर और पारिवारिक परंपराओं की याद दिलाती हैं। अब भी, अपने व्यस्त शूटिंग शेड्यूल के बावजूद, मैं इन साधारण और सार्थक पलों को संजोकर रखती हूँ।”

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