दक्षिणी लेबनान में इज़रायली टैंक ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों को बनाया निशाना

बेरूत, 17 नवंबर (वार्ता) लेबनान में इज़रायीली सेना के मर्कवा टैंक से दागे गये गोले की जद में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) आ गया।
यूएनआईएफआईएल के अनुसार भारी गोलाबारी ब्लू हेलमेट से मात्र पाँच मीटर की दूरी पर हुई, जिससे गश्ती दल को आसपास के इलाके में छिपना पड़ा। मिशन के प्रतिनिधियों ने तुरंत स्थापित संचार माध्यमों के जरिये इज़रायली रक्षा बलों (आईडीएफ) से संपर्क किया और गोलीबारी रोकने का अनुरोध किया। इसके बाद गोलाबारी रूकी और संयुक्त राष्ट्र का गश्ती दल लगभग आधे घंटे बाद सुरक्षित निकल सका।
संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी बयान में कहा गया, “सौभाग्य से कोई भी घायल नहीं हुआ। ” संरा ने इस घटना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन बताया। इस प्रस्ताव को 2006 में इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपनाया गया था। इज़रायल ने दावा किया है कि हमला ‘खराब मौसम की स्थिति’ के कारण हुआ और संयुक्त राष्ट्र के गश्ती दल को गलती से खतरे के रूप में पहचान लिया गया था।
गौरतलब है कि यह तीन महीनों में तीसरी ऐसी घटना, जब संरा शांति मिशन के लिए खतरा उत्पन्न हुआ है। इससे पहले दो सितंबर को, आईडीएफ के ड्रोन ने ब्लू लाइन के किनारे सड़क अवरोधों को साफ कर रहे संरा कर्मियों के पास ग्रेनेड गिराये थे और 26 अक्टूबर को एक इज़रायली ड्रोन ने फिर से संयुक्त राष्ट्र के गश्ती दल को निशाना बनाया था। लेबनान की सेना ने हमले की निंदा की है और कहा है कि वह चल रहे इज़रायली हमलों को समाप्त करने के लिए सहयोगियों के साथ समन्वय कर रही है

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