भोपाल। क्राइम ब्रांच भोपाल ने एसआईआर फॉर्म के नाम पर हो रही धोखाधड़ी को लेकर एडवाइजरी जारी की है. अपील में बताया गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण एक व्यापक प्रक्रिया है, जिसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाया जाता है. इसका उद्देश्य योग्य मतदाताओं को शामिल करना और अपात्र या दोहराए गए नामों को हटाना है.
धोखाधड़ी का तरीका
1. साइबर अपराधी एसआईआर फॉर्म या इसी नाम से फर्जी कॉल कर आपसे ओटीपी मांगते है.
2. एसआईआर एपीके फाइल नाम से फर्जी एपीके इंस्टाल कराते हैं.
3. ये सरकारी दिखने वाले नामों और लोगो का उपयोग करते हैं ताकि आप भ्रमित हो जाएँ.
ध्यान रखें-
1. यदि किसी अनजान व्यक्ति का फोन आए और वह कहे कि “आपके एसआईआर फॉर्म के लिए आपके मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा गया है, कृपया वह हमें बता दें,” तो किसी भी स्थिति में ओटीपी साझा न करें.
एडवाइजरी में बताया गया है कि यदि इसके बाद भी फोन करने वाला व्यक्ति दबाव डाले, धमकी दे या ओटीपी बताने पर जोर दे, तो तुरंत पुलिस की मदद लें, अपने स्थानीय थाने में इसकी सूचना दें, और ओटीपी किसी भी व्यक्ति को न दें, चाहे वह खुद को किसी भी विभाग का कर्मचारी बताए.
2. कोई भी सरकारी एजेंसियाँ कभी भी कॅाल, व्हाट्अप, एसएमएस या एपीके फाइल के माध्यम से ओटीपी , बैंक खाते आदि की जानकारी नहीं मांगती हैं, जानकारी किसी से सांझा न करें.
3. इस प्रकार की किसी एसआईआर एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। आपके मोबाइल से कॉन्टैक्ट्स, फोटो, मैसेज, और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है. आपके एमएमएस पढ़कर आपके बैंक खाते से पैसे निकाल सकता है. सोशल मीडिया, ईमेल और यूपीआई ऐप्स के लॉगिन क्रेडेंशियल्स चुराए जा सकते हैं। आपके मोबाइल में वायरस या मालवेयर डाला जा सकता हैं.
