
भिंड। जिले का मछंड गांव आज जरुरतमंद और गरीब मरीजों के नि:शुल्क उपचार के लिए पहचान बनाए है। यहां राजपरिवार के इकलौते बेटे नृपेंद्रसिंह जूदेव द्वारा रविवार-सोमवार को दो दिन दूर दराज क्षेत्र से आए मरीजों को आयुर्वेद का इलाज दिया जा रहा है। गांव में आने वाले मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए ग्रामीण भी इस नेक काम में भरपूर सहयोग देते हैं। मछंड निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि गांव में प्रति रविवार-सोमवार सैकड़ों की संख्या में जालौन, उरई, इटावा, कानपुर सहित भिंड जिले के मरीज इलाज लेने आते हैं जिनमें अस्थमा, हाई बीपी, शुगर से लेकर अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित मरीज शामिल होते हैं। सप्ताह में दो दिन आने वाले मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए स्थानीय ग्रामीण भी मरीजों की तीमारदारी से लेकर उन्हें जरुरत पढ़ने पर ब्लॉक मुख्यालय तक लाने ले जाने के संसाधन उपलब्ध कराने में सहयोग करते हैं। मछंड गांव में यह परंपरा अब एक सामाजिक अभियान का रूप ले चुकी है, जिसमें गांव का हर व्यक्ति जनसेवा की इस परंपरा में हिस्सा लेकर अपना सहयोग प्रदान करता है। इसके साथ ही मरीजों को असुविधा नहीं हो इसके लिए ग्रामीण आपस में बैठक कर जरुरी सुविधाएं एकत्रित करते हैं। मरीजों को निशुल्क इलाज दे रहे नृपेंद्र सिंह जूदेव ने बताया कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वह समाज कल्याण की भावना के साथ अपने गांव आए थे। उन्होंने बताया कि पिता द्वारा उन्हें धन साधन है साधना नहीं की सीख दी थी। इसी सीख को लेकर जीवन में आगे बढ़ते हुए सर्व कल्याण के लिए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मछंड राजपरिवार को सनातन रूप से जूदेव की उपाधि मिली हुई है।
