इंदौर: साइबर अपराधों पर अंकुश और जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार सुबह सीएम राइज अहिल्याश्रम स्कूल, पोलोग्राउंड में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया. कार्यक्रम में क्राइम ब्रांच के अति पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया अपनी टीम के साथ पहुंचे और करीब 700 छात्राओं व शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी के बदलते तौर–तरीकों को बताया.
स्कूल में अधिकारियों ने फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़ी धोखाधड़ी और बच्चों को लुभाकर ठगी का माध्यम बन रहे ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के खतरों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कई गेमिंग प्लेटफॉर्म बच्चों को लत में धकेलकर उनकी निजी जानकारी हासिल करते हैं और आगे चलकर यही डेटा फ्रॉड का आधार बन जाता है. कई मामलों में बच्चे मानसिक दबाव में आकर खतरनाक कदम भी उठा रहे हैं.
छात्राओं को साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत के लिए हैल्पलाइन नंबर, पोर्टल और इंदौर पुलिस की साइबर हैल्पलाइन का उपयोग करना भी सिखाया. इस दौरान दंडोतिया ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई हो या गेमिंग, डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है. किसी भी स्थिति में व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें. सत्र के बाद कई छात्राओं ने कहा कि वे अब ऑनलाइन गेमिंग से दूरी बनाएंगी और घर जाकर सबसे पहले ऐसे ऐप्स को हटाएंगी. कार्यक्रम के दौरान इंदौर पुलिस द्वारा विकसित आधुनिक एआई आधारित सुरक्षा चैटबोट की भी जानकारी दी, जो साइबर फ्रॉड से बचाव से जुड़ी उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराता है
