नयी दिल्ली 13 नवम्बर (वार्ता) भारत ने पूर्वी लद्दाख में अपनी सैन्य तैयारियों को पुख्ता करते हुए चीन के साथ 1962 की लड़ाई के बाद से बंद पड़े सामरिक रूप से महत्व्पूर्ण न्योमा एयर बेस को एक बार फिर से सक्रिय रूप से चालू कर दिया है।
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने बुधवार को खुद वहां जाकर इसका उद्घाटन किया। एयर चीफ मार्शल वायु सेना के भारी भरकम मालवाहक विमान सी-130 जे में वहां उतरे और एयर बेस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ वायु सेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख भी थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2023 में इस एयरबेस पर निर्माण कार्य के लिए शिलान्यास किया था जिस पर 218 करोड़ रुपये की लागत आई है और इसे सीमा सड़क संगठन ने बनाया है।
दुनिया के सबसे ऊंचे हवाई ठिकानों में शुमार न्योमा एयर बेस करीब 13 हजार 500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है।
इस बेस से चीन की सीमा केवल 23 किलोमीटर दूर है। थॉयस, करगिल और लेह के बाद लद्दाख में यह वायु सेना का चौथा बेस है
और इसे लड़ाकू विमानों , हेलिकॉप्टरों और मालवाहक उडानों के उतरने तथा उडान भरने में सक्षम बनाया गया है। इसके अलावा उत्तरी लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी में भी एक अस्थाई हवाई पट्टी है। चुशूल में एक अग्रिम लैंडिंग हवाई पट्टी पर भी काम चल रहा है।
इस एयर बेस के सक्रिय हो जाने से वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट भारत की सैन्य तैयारियों को बल मिलेगा।
