नयी दिल्ली 12 नवम्बर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भूटान की दो दिन की सफल यात्रा के बाद बुधवार को स्वदेश लौट आए। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक उन्हें छोड़ने के लिए स्वयं हवाई अड्डे तक आए।
श्री मोदी दो दिन की यात्रा पर मंगलवार को थिम्पू पहुंचे थे। उन्होंने यात्रा के पहले दिन भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
स्वदेश रवाना होने से पहले श्री मोदी ने आज सुबह थिम्पू में भूटान के चतुर्थ नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात की और उन्हें 70 वीं जयंती के अवसर पर बधाई दी। बाद में वह वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव के दौरान चांगलिमथांग स्टेडियम में कालचक्र दीक्षा समारोह में शामिल हुए और इस का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री ने स्वदेश रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और संपर्क बढाने के क्षेत्र में हुई बातचीत से द्विपक्षीय साझेदारी और मजबूत होगी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा , ” मेरी भूटान यात्रा ऐसे समय में हुई है जब इस देश के लोग विभिन्न ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। यह महामहिम चतुर्थ ड्रुक ग्यालपो की 70वीं जयंती है वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव चल रहा है और भारत से विशेष बुद्ध अवशेष यहां हैं।
ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में प्राप्त परिणाम हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और गति प्रदान करेंगे। भूटान की जनता और सरकार के प्रति मेरी कृतज्ञता। मैं भूटान के महामहिम राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का आभारी हूं कि वे दिल्ली के लिए रवाना होते समय हवाई अड्डे पर आए।”
