
भोपाल: वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने 22 वर्ष बाद शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) कार्य में हो रही देरी पर गंभीर आपत्ति जताई है। यह प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ हुई थी, जिसके तहत 3 नवंबर तक प्रशिक्षण और तैयारी पूर्ण की जानी थी, जबकि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाता संबंधी व्यक्तिगत जानकारी प्रपत्र वितरित किए जाने थे।
वर्मा का कहना है कि अनेक क्षेत्रों में बीएलओ अब तक घर-घर नहीं पहुंचे हैं और गणना पत्रक भी वितरित नहीं हुए हैं। साथ ही मतदाता सत्यापन के लिए आवश्यक वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी कई स्थानों पर उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट बीते कई दिनों से काम नहीं कर रही है, जिससे प्रक्रिया और प्रभावित हो रही है।
वर्मा ने सवाल उठाया कि क्या निर्वाचन आयोग प्रत्येक मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए समय सीमा बढ़ाएगा, या फिर यह स्थिति मतदाताओं के साथ “विश्वासघात” साबित होगी।
